नई दिल्ली : भारतीय टी20 टीम के युवा स्टार बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा पर पूर्व तेज़ गेंदबाज़ इरफान पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरफान ने अभिषेक की बल्लेबाज़ी में मौजूद एक बड़ी कमी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो विपक्षी टीमें जल्द ही उनकी रणनीति समझ जाएंगी और उन्हें आसानी से आउट कर लेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिषेक को अपने खेल में विविधता लानी होगी, वरना आगे चलकर यह कमजोरी उनके करियर पर भारी पड़ सकती है।
कमजोरी पर काम करना होगा अभिषेक शर्मा को
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि अभिषेक शर्मा इस समय बेहतरीन क्रिकेट खेल रहे हैं और उनका आत्मविश्वास भी उच्च स्तर पर है। उन्होंने बताया कि अभिषेक टी20 प्रारूप के हिसाब से आक्रामक शॉट खेल रहे हैं, लेकिन यह सब द्विपक्षीय सीरीज़ तक ही सीमित है। इरफान ने चेतावनी दी कि जब बात वर्ल्ड कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं की आती है, जहाँ कई टीमें पूरी तैयारी के साथ उतरती हैं, तो अभिषेक को अपने खेल में बदलाव लाना होगा। अगर वह हर गेंद पर स्टेप आउट करके ही शॉट खेलने की कोशिश करेंगे, तो विपक्षी टीमें जल्द ही उनकी रणनीति समझ जाएंगी और उन्हें आउट करने में सफल हो जाएंगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरफान पठान ने आगे कहा कि अभिषेक शर्मा को अपनी बल्लेबाज़ी में “पिक एंड चूज़” की रणनीति अपनाने की ज़रूरत है। यानी उन्हें यह समझना होगा कि कब गेंदबाज़ पर हमला करना है और कब धैर्य से खेलना है। उन्होंने बताया कि हर गेंद पर स्टेप आउट करके शॉट खेलने की आदत अभिषेक को बड़ी और अनुभवी टीमों के खिलाफ परेशानी में डाल सकती है। अगर वह सही मौकों पर आक्रामकता दिखाएं और बाकी समय समझदारी से बल्लेबाज़ी करें, तो उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरफान पठान ने आगे कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अभिषेक शर्मा के कोच और मेंटर युवराज सिंह, साथ ही भारतीय टीम मैनेजमेंट, उनकी इस कमजोरी पर काम कर रहे होंगे। उन्होंने मुस्कुराते हुए मज़ाक में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो खुद युवराज से इस बारे में बात करेंगे। इरफान ने अभिषेक की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उनमें जबरदस्त क्षमता है, लेकिन उन्हें लगातार स्टेप आउट करने की अपनी आदत पर थोड़ा सुधार करने की आवश्यकता है ताकि वे बड़ी टीमों के खिलाफ और भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकें।

