नई दिल्ली. रणजी ट्रॉफी के एक साधारण से दिखने वाले दिन ने सूरत के सीके पीठावाला स्टेडियम में इतिहास बना दिया। मेघालय के 25 वर्षीय तेज गेंदबाज आकाश चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों पर नाबाद 50 रन ठोके और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। आकाश आठवें नंबर पर उतरे और 8 गेंदों पर लगातार 8 छक्के उड़ाकर मैदान में हलचल मचा दी। यह पारी इतनी तेज थी कि उन्होंने 9 मिनट में फिफ्टी पूरी कर ली, जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है।
आकाश ने बातचीत में कहा कि वे खुद भी इस तरह की पारी की उम्मीद नहीं कर रहे थे। उनका कहना है कि वे आमतौर पर तेज गेंदबाज के रूप में खेलने उतरते हैं और बल्लेबाजी के मौके कम मिलते हैं। इस मैच में ओवर कम थे, टीम अच्छी स्थिति में थी और उनका लक्ष्य बस तेज रन बनाना था। तीसरे छक्के के बाद उनके मन में लगातार छह छक्के लगाने का विचार आया और वह इसमें सफल भी रहे। सातवां और आठवां छक्का उनके हिसाब से किस्मत का हिस्सा था। हाल में बिहार के खिलाफ भी उन्होंने चार छक्के लगाए थे, इसलिए उनका माइंडसेट अच्छा था और वे मैच का आनंद ले रहे थे।
आकाश ने बताया कि वे स्कूल क्रिकेट में खेले, फिर केवी क्लस्टर, रीजनल और शिलांग के इंटर-स्कूल टूर्नामेंट से आगे बढ़े। इसके बाद वे NCA कैंप पहुंचे और फिर राज्य टीम में जगह मिली। मैच फीस मिलने लगी तो परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधरी। साधारण परिवार से आने वाले आकाश कहते हैं कि उन्होंने बचपन में कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली। वे टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे। उनके पिता वेल्डिंग करते हैं और मां सिलाई का काम करती हैं। बड़ी बहन और छोटा भाई उनके सबसे बड़े सहायक रहे हैं। उनका लक्ष्य अभी अपने 100 फर्स्ट क्लास विकेट पूरे करना है। आगे चलकर टीम इंडिया और आईपीएल में खेलना उनका सपना है।
आंकड़ों की बात करें तो आकाश ने जिस रिकॉर्ड को तोड़ा, वह पहले इंग्लैंड के वेन नाइट के पास था, जिन्होंने 2012 में 12 गेंदों में फिफ्टी बनाई थी। क्लाइव इनमैन ने 1965 में 13 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। आकाश फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। इससे पहले गैरी सोबर्स (1968) और रवि शास्त्री (1984-85) यह कारनामा कर चुके हैं। इस उपलब्धि ने लोगों को 2007 टी-20 वर्ल्ड कप की भी याद दिलाई, जब युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड की छह गेंदों पर छह छक्के जड़े थे।

