नई दिल्ली : भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज़ भी खेलेगी। इस सीरीज़ के लिए भारतीय टीम का स्क्वाड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पिछली सीरीज़ से कुछ अलग दिख सकता है। इसका मुख्य कारण है कि उपकप्तान श्रेयस अय्यर उस सीरीज़ में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने पर भी संदेह है। वहीं, दूसरी ओर हार्दिक पंड्या की वापसी संभव है और ऋषभ पंत भी पूरी तरह फिट हो चुके हैं।
अब यह सवाल सामने आ रहा है कि श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद नंबर 4 की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी किसके कंधों पर होगी। ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ में इसी पोज़िशन को संभालते हुए अय्यर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। वनडे वर्ल्ड कप 2023 समेत कई अन्य अवसरों पर उन्होंने नंबर 4 पर शानदार खेल दिखाया और युवराज सिंह के संन्यास के बाद टीम इंडिया की इस बड़े बल्लेबाज़ी मुद्दे को हल कर दिया था। लेकिन अब उनकी चोट ने इस सवाल को फिर से सामने ला दिया है।
पहले आपको बता दें कि अय्यर को लेकर इंडियन एक्सप्रेस ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि उनके साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज में खेलने पर संशय है। क्योंकि अय्यर को अभी मैच फिट होने के लिए समय लगेगा। वहीं बोर्ड भी उनकी चोट से रिकवरी में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहता है। जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज है उस सीरीज तक अय्यर शायद पूर तरह फिट हो सकते हैं।
श्रेयस अय्यर के नंबर 4 की जगह किसका होगा काम?
यदि श्रेयस अय्यर साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे स्क्वाड से बाहर रहते हैं, तो ऋषभ पंत या तिलक वर्मा में से कोई एक उनकी जगह टीम में शामिल हो सकता है। ये दोनों खिलाड़ी ऐसे विकल्प हैं जो नंबर 4 की जिम्मेदारी निभा सकते हैं। बल्लेबाजी की शैली और नेचर को देखें तो तिलक वर्मा अय्यर की गैरमौजूदगी में इस पोज़िशन के लिए एक उपयुक्त और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकते हैं।
वहीं, रविंद्र जडेजा भी ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ का हिस्सा नहीं थे, इसलिए उनकी साउथ अफ्रीका सीरीज़ में वापसी संभव है, क्योंकि यह सीरीज़ भारत में खेली जा रही है। अजीत अगरकर ने पहले कहा था कि ऑस्ट्रेलिया में चार स्पिनरों की जरूरत नहीं है, लेकिन इस बार जड्डू को स्क्वाड में शामिल किया जा सकता है। वे भी इस पोज़िशन के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति इस बारे में क्या निर्णय लेती है।


