नई दिल्ली: केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के कोच पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच का आदेश दिया है। भारतीय टीम को एफआईएच हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में हिस्सा लेने के लिए चिली के सैंटियागो भेजा जाना है। यह टूर्नामेंट 1 दिसंबर से शुरू होगा, और इसके पहले ही खेल मंत्रालय ने आवश्यक कदम उठाते हुए मामले की जांच सुनिश्चित की है।
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के कोच पर यौन शोषण का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने हाल ही में कई विदेशी दौरे किए थे, और इन दौरों में से एक के दौरान कथित अनुचित व्यवहार की रिपोर्ट सामने आई। ये दौरे जून में अर्जेंटीना, बेल्जियम और नीदरलैंड्स में और सितंबर में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला टीम की एक सदस्य को कई बार कोच के कमरे में जाते हुए देखा गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर खेल मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पहले जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा, उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि मंत्रालय इस तरह के मामलों को बेहद गंभीरता से लेता है और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अब तक न तो खेल मंत्रालय, न ही भारतीय खेल प्राधिकरण, और न ही हॉकी इंडिया के पास इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है।
खेल मंत्रालय ने मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए
इसके बाद यह मामला खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के संज्ञान में लाया गया, जिन्होंने इसकी जांच के आदेश जारी किए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा गंभीर मामला मंत्रालय के ध्यान में आया था, इसलिए जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल जल्दबाज़ी में कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है क्योंकि पहले सभी विवरणों की पुष्टि करनी है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हॉकी इंडिया का बयान: मामले की कोई जानकारी नहीं
वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कानून के तहत कोच, शिकायतकर्ता और जिस खिलाड़ी से संबंधित मामला है, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता, आरोपी और गवाहों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोला नाथ सिंह ने कहा कि यह उनके लिए पहला मौका है जब उन्हें इस तरह के मामले के बारे में पता चला है। उन्होंने कहा कि हॉकी इंडिया के पास मामला औपचारिक रूप से नहीं आया है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना संभव नहीं है। हम मंत्रालय की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे, हालांकि अब तक मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संवेदनशील मामले पर हॉकी इंडिया से संपर्क नहीं किया है।

