नई दिल्ली: भारत की प्रांजलि प्रशांत धूमल ने टोक्यो में आयोजित डेफलंपिक्स 2025 में अपने बेहतरीन प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए एक और पदक अपने नाम कर लिया। सोमवार, 24 नवंबर 2025 को उन्होंने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह प्रांजलि के डेफलंपिक्स करियर का तीसरा पदक है, जो उनके लगातार प्रभावशाली फॉर्म और उच्च स्तर की निशानेबाजी क्षमता को दर्शाता है।
प्रांजलि प्रशांत धूमल ने इससे पहले अभिनव देशवाल के साथ मिश्रित पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक और महिला एयर पिस्टल में रजत पदक जीता था। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में यूक्रेन की मोसिना हालिना ने रजत और कोरिया की जियोन जिवोन ने कांस्य पदक जीता।
प्रांजलि ने डेफलंपिक्स में किया तीसरा मेडल अपने नाम
भारत की एक और स्टार शूटर और महिलाओं की एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली अनुया प्रसाद इस बार फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। प्रांजलि ने क्वालिफिकेशन राउंड में कमाल करते हुए 600 में से 573 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया और फाइनल में प्रवेश किया। निर्णायक दौर में भी उन्होंने अपना संयम और लय बनाए रखी तथा यूक्रेन की मोसिना हालिना और कोरिया की जियोन जिवोन को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा जमाया।
भारत मेडल तालिका में अब पाँचवें पायदान पर
रविवार, 23 नवंबर 2025 को भारत के अभिनव देशवाल ने पुरुषों की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। देशवाल का यह गोल्ड बधिर ओलंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत का 15वाँ पदक बना। इसके बाद प्रांजलि प्रशांत धूमल की जीत से भारत का कुल पदक सूचकांक बढ़कर 16 हो गया। इसी के साथ भारत की डेफलंपिक्स 2025 की रैंकिंग में भी सुधार हुआ और टीम छठे स्थान से उठकर पाँचवें पायदान पर पहुँच गई।
भारत के खाते में अब 7 स्वर्ण सहित 16 पदक
भारत की मेडल सूची में अब तक सात स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हो चुके हैं। भारत और कज़ाकिस्तान के कुल पदकों की संख्या 16-16 है और दोनों के स्वर्ण मेडल भी बराबर हैं, लेकिन रजत पदकों की संख्या अधिक होने की वजह से भारत कज़ाकिस्तान को पछाड़ते हुए समग्र तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया।
यूक्रेन शीर्ष पर, अमेरिका दूसरे स्थान पर
भारत के ऊपर की रैंकिंग में यूक्रेन 68 पदकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। अमेरिका 10 स्वर्ण समेत कुल 19 पदक जीतकर दूसरे स्थान पर है। वहीं चीन 9 गोल्ड और कुल 31 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। साउथ कोरिया भी शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ स्वर्ण और कुल 28 पदकों के साथ चौथे स्थान पर मौजूद है।

