नई दिल्ली: अगले साल होने वाले फीफा विश्व कप से पहले लियोनल मेसी ने शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए इंटर मियामी को मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) कप का खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। फाइनल मुकाबला केवल इंटर मियामी और वैंकूवर व्हाइटकैप्स के बीच ही नहीं, बल्कि जर्मनी के दिग्गज थॉमस मुलर और अर्जेंटीना के मेसी के बीच भी एक रोमांचक जंग बन गया। मेसी और मुलर की प्रतिद्वंद्विता में अक्सर मुलर आगे रहे हैं, लेकिन इस बार मेसी ने अपने दमदार खेल से मैच में पूरी तरह बाजी मार ली। उनकी शानदार प्रदर्शन ने न केवल इंटर मियामी को चैंपियन बनाया, बल्कि वैश्विक फुटबॉल मंच पर उनके प्रभाव को एक बार फिर साबित कर दिया।
मेसी का जलवा जारी: करियर की 47वीं ट्रॉफी अपने नाम
मुलर और मेसी के बीच अब तक हुए 10 मुकाबलों में से जर्मन स्टार ने सात बार जीत दर्ज की है। मुलर की मौजूदगी में जर्मनी ने दो विश्व कप नॉकआउट मैचों में मेसी और अर्जेंटीना को बाहर का रास्ता भी दिखाया है। लेकिन एमएलएस फाइनल में कहानी बदल गई, जहाँ अर्जेंटीना के सुपरस्टार मेसी ने इंटर मियामी को मुलर की वैंकूवर व्हाइटकैप्स पर 3-1 से शानदार जीत दिलाई। इसी के साथ मेसी ने अपने करियर की 47वीं ट्रॉफी अपने नाम करते हुए मेजर लीग सॉकर के अपने तीसरे सीज़न का समापन एक यादगार अंदाज़ में किया।
इंटर मियामी की जीत में मेसी की चमक सबसे खास
मेसी ने 72वें मिनट में शानदार खेल दिखाते हुए रोड्रिगो डी पॉल को सटीक पास देकर गोल का मौका बनाया। इसके बाद स्टॉपेज टाइम में भी उन्होंने निर्णायक योगदान दिया, जिससे इंटर मियामी ने फ्रेंचाइज़ी इतिहास में पहली बार चैंपियनशिप अपने नाम की। मेसी और मुलर दोनों ही विश्व कप, चैंपियंस लीग और क्लब विश्व कप के खिताब जीत चुके हैं, जिससे यह मुकाबला और भी खास बन गया। मैच के बाद मेसी ने कहा, “तीन साल पहले मैंने एमएलएस में आने का फैसला किया था और आज हम एमएलएस चैंपियन हैं। पिछले साल हम लीग से जल्दी बाहर हो गए थे, लेकिन इस साल एमएलएस जीतना हमारा मुख्य लक्ष्य था।”

