नई दिल्ली: पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कप्तान का काम सिर्फ टॉस तक सीमित नहीं होता। भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीत के बाद से सूर्यकुमार लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले 20 टी20ई अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं बनाया है, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम के लिए चिंता का संकेत है।
कप्तान का काम सिर्फ टॉस तक सीमित नहीं
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि टीम का कप्तान होने का मतलब केवल टॉस करना या गेंदबाजों का प्रबंधन करना नहीं है, और यह सिर्फ रणनीति बनाने तक भी सीमित नहीं है। यदि आप टॉप चार में बैटिंग करते हैं, तो आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी रन बनाना है। कई मैचों के बाद अगर 17 पारियों में आपका औसत केवल 14 है, स्ट्राइक रेट भी शानदार नहीं है, एक भी फिफ्टी नहीं बनी है और केवल दो बार 25 रन से अधिक बनाए हैं, तो यह निश्चित रूप से बड़ी चिंता की बात है।
आकाश चोपड़ा ने ये भी बताया कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले सूर्यकुमार और वाइस-कैप्टन शुभमन गिल की फॉर्म भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आगे कहा कि अगर आप नंबर 3 या नंबर 4 पर खेल रहे हैं और रन नहीं बना रहे हैं और लगातार और लंबे समय तक रन नहीं बन रहे हैं तो वर्ल्ड कप शुरू होने पर आप उतने कॉन्फिडेंट नहीं होंगे। इसलिए सूर्यकुमार यादव जो कप्तान हैं और शुभमन गिल जो वाइस-कैप्टन हैं उनका रन बनाना बहुत जरूरी है।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद से सूर्यकुमार ने 26 पारियों में 18.73 की औसत और 146.10 के स्ट्राइक रेट से 431 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम दो हाफ-सेंचुरी हैं। दूसरी तरफ 2025 में टी20आई टीम में वापसी के बाद से शुभमन गिल ने 14 पारियों में 23.90 की औसत और 142.93 के स्ट्राइक रेट से 263 रन बनाए हैं जिसमें उनके नाम एक भी हाफ-सेंचुरी नहीं है।
गिल और सूर्यकुमार की खराब फॉर्म ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 में भारत को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे टीम को 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अब मेन इन ब्लू 14 दिसंबर को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में तीसरे टी20 में ज़ोरदार वापसी की कोशिश करेंगे। टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अभी आठ और मैच हैं, ऐसे में टीम के लिए यह जरूरी है कि सूर्यकुमार और गिल अपनी फॉर्म में लौटें ताकि टूर्नामेंट की तैयारियों में टीम मजबूत बनी रहे।

