सीरीज़ बराबर करने के लिए श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को दिखाना होगा दम, भारत फ़ील्डिंग सुधार पर देगा ज़ोर

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विशाखापत्तनम। पहले टी20 मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करने के बाद भारतीय महिला टीम मंगलवार को खेले जाने वाले दूसरे मैच में श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच में हर विभाग में भारत का दबदबा रहा, जिससे दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ नजर आया। श्रीलंका के खिलाफ भारत अपने पिछले 10 टी20 मुकाबलों में से अब तक आठ जीत चुका है।

श्रीलंका की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान चमरी अतापत्तू पर टिकी होंगी। पिछले कुछ वर्षों में भारत के खिलाफ मिली दोनों जीतों में अतापत्तू ने अहम पारियां खेली थीं। हालांकि पहले टी20 में विश्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा और हसिनी परेरा ने आक्रामक इरादे तो दिखाए, लेकिन कोई भी बल्लेबाज़ पारी को आगे नहीं बढ़ा सका। तीनों का स्ट्राइक रेट एक रन प्रति गेंद से कम रहा, जो भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ चुनौती देने के लिए पर्याप्त नहीं है।

हार के बाद अतापत्तू ने माना कि 121 रन का स्कोर काफी कम था और टीम ने जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक क्रिकेट खेला। अपेक्षाकृत ठंडी शाम में पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका रन गति नहीं पकड़ सका। भारत के गेंदबाज़ों ने मध्य ओवरों में नियंत्रण बनाए रखा और अंत में मैच पूरी तरह अपनी पकड़ में ले लिया। जवाब में भारत ने लक्ष्य का पीछा बेहद संयम के साथ किया। जेमिमाह रॉड्रिग्स की शानदार अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने 14.4 ओवर में ही मैच समाप्त कर दिया। मौजूदा परिस्थितियों में भारत एक बार फिर पसंदीदा रहेगा, जबकि श्रीलंका के लिए वापसी आसान नहीं होगी।

हालांकि पहले मैच में भारत ने तीन आसान कैच छोड़े, जो उस समय महंगे साबित नहीं हुए। इसके बावजूद टीम प्रबंधन दूसरे मुकाबले में फ़ील्डिंग में सुधार पर खास ध्यान देना चाहेगा। इन सबके बीच युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में उन्होंने चार ओवर में केवल 16 रन देकर भारत की पकड़ मजबूत की। वहीं श्रीलंका के लिए चमरी अतापत्तू की एक बड़ी पारी ही सीरीज़ में बराबरी की उम्मीद जगा सकती है।

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