नई दिल्ली : सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन अब तक उनके प्रदर्शन में वह धार नहीं दिखी है जो उनके सपने को पूरा कर सके। अर्जुन एक बॉलिंग ऑलराउंडर हैं, लेकिन उन्हें मिले अवसरों में वह अभी तक असरदार प्रदर्शन करने में सफल नहीं हो पाए हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में कमजोर प्रदर्शन के बाद, अर्जुन विजय हजारे ट्रॉफी में भी संघर्ष करते हुए नजर आए।
अर्जुन तेंदुलकर पहले घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब वे गोवा के लिए खेलते नजर आ रहे हैं। आईपीएल की बात करें तो उन्होंने पहले मुंबई इंडियंस की टीम में खेला था, लेकिन साल 2026 में वे गुजरात जाइंट्स की ओर से मैदान पर उतरते दिखेंगे। गुजरात ने अर्जुन को आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी से ठीक पहले ट्रेड कर अपनी टीम में शामिल किया था। अब यह देखने वाली बात होगी कि उन्हें गुजरात की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या नहीं।
बेटे अर्जुन की बैटिंग में पिता सचिन की झलक
अर्जुन तेंदुलकर ऑलराउंडर हैं, जो कभी गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हैं तो कभी अपनी बैटिंग से भी प्रभावित करते हैं। लेकिन उनकी भविष्य की दिशा को लेकर योगराज सिंह ने राय दी है। युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने खेल पत्रकार रवीश बिष्ट से बातचीत में कहा कि अर्जुन को अपनी बैटिंग पर अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वह एक क्वालिटी बैटर हैं और अपने पिता सचिन तेंदुलकर की तरह ही बैटिंग करते हैं।
अर्जुन तेंदुलकर के लिए अहम सलाह: बैटिंग पर रखें जोर
अर्जुन तेंदुलकर 26 साल के हो चुके हैं और अब तक उनके रिकॉर्ड में 22 फर्स्ट क्लास मैच शामिल हैं, जिनमें उन्होंने 48 विकेट लिए और अपने बल्ले से 620 रन बनाए। इसके अलावा, उन्होंने 21 लिस्ट ए मैचों में 25 विकेट और 146 रन हासिल किए हैं। टी20 क्रिकेट में अर्जुन 29 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 35 विकेट लिए और 189 रन बनाए। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने एक शतकीय पारी खेली है, वहीं उन्होंने दो बार 4 विकेट और एक बार 5 विकेट लेने का कमाल भी दिखाया है।


