नई दिल्ली : विजय हजारे ट्रॉफी के छठे राउंड में मंगलवार (6 जनवरी) को भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी मैदान पर उतरे, जिनमें वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान फील्डिंग करते समय चोटिल हुए श्रेयस अय्यर ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में जोरदार वापसी की, हालांकि वह शतक लगाने से चूक गए। दिल्ली टीम की कप्तानी कर रहे ऋषभ पंत ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, लेकिन शुभमन गिल का बल्ला इस मुकाबले में खामोश ही रहा।
श्रेयस अय्यर की शानदार वापसी, दर्शकों को दिखाई जलवा
ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम वनडे में एलेक्स कैरी का कैच पकड़ने के प्रयास के दौरान श्रेयस अय्यर को गंभीर चोट लगी थी, जिसमें उनका प्लीहा (Spleen) फट गया था। इस वजह से वह दो महीने से अधिक समय तक क्रिकेट से दूर रहे। मैदान पर लौटते ही अय्यर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 गेंदों में 10 चौके और 3 छक्के की मदद से 82 रन बनाए। उन्होंने मुंबई को हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 33 ओवर में 299 रन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पंत ने 266.67 की स्ट्राइक रेट से बिखेरे रन
विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए लगातार छठा मैच खेल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने रेलवे के खिलाफ 180 रनों के लक्ष्य के जवाब में 9 गेंद पर 1 चौके और 3 छक्के की मदद से 24 रन बनाए। उन्होंने 266.67 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। पंत जब क्रीज पर उतरे तब दिल्ली ने मैच अपनी गिरफ्त में कर ली थी। दिल्ली का स्कोर 16.3 ओवर में 2 विकेट पर 126 रन था। उसे जीत के लिए 54 रन चाहिए थे। पंत 19वें ओवर में आउट हो गए तब तक दिल्ली का स्कोर 150 के पार पहुंच गया।
शुभमन गिल का बल्ला इस मैच में खामोश
भारत की टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बाद पहली बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उतरने वाले शुभमन गिल का बल्ला इस मैच में खामोश रहा। पंजाब की ओर से ओपनिंग करते हुए गिल ने गोवा के खिलाफ 12 गेंदों में केवल 11 रन बनाए और इसमें 2 चौके शामिल थे। वासुकी कौशिक ने उन्हें पवेलियन भेजा। गोवा ने 33.3 ओवर में 211 रन का स्कोर खड़ा किया।

