नई दिल्ली : दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और भारत के प्रमुख भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने शनिवार को चेक गणराज्य के अनुभवी कोच यान जेलेज्नी के साथ अपने सहयोग को समाप्त करने की घोषणा की। यह सहयोग केवल एक सीजन तक चला, जिसे नीरज ने प्रगति, आपसी सम्मान और खेल के प्रति साझा उत्साह से भरा बताया। हालांकि, नीरज ने इस साझेदारी समाप्त होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया।
नीरज ने कोच जेलेज्नी की प्रशंसा की
चेक कोच यान जेलेज्नी भाला फेंक के इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में शुमार हैं और वे विश्व रिकॉर्ड भी रख चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में नीरज चोपड़ा ने पिछले साल पहली बार 90 मीटर का मील का पत्थर पार किया। अपने अनुभव साझा करते हुए नीरज ने बताया कि जिस खिलाड़ी को उन्होंने बचपन से अपना आदर्श माना, उनसे सीधे सीखना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “यान के साथ प्रशिक्षण से मुझे नए टूल्स, नई एक्सरसाइज, तकनीकी दृष्टिकोण और खेल को समझने के नए तरीके मिले। उनकी तकनीक, रिद्म और मूवमेंट के प्रति सोच अद्भुत है। हर सत्र से मैंने कुछ नया सीखा।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नीरज ने आगे कहा, “मुझे सबसे ज्यादा गर्व इस बात का है कि मैंने अपने जीवन के आदर्श के साथ गहरी दोस्ती बनाई। यान न केवल अब तक के महानतम भाला फेंक खिलाड़ियों में से हैं, बल्कि बेहतरीन इंसानों में भी शामिल हैं।”
जेलेज्नी ने नीरज के साथ सहयोग की प्रशंसा की
59 वर्षीय यान जेलेज्नी ने भी इस सहयोग के अनुभव को सकारात्मक बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “नीरज जैसे खिलाड़ी के साथ काम करना मेरे लिए शानदार अनुभव रहा। मुझे खुशी है कि हम साथ आए और मैंने उन्हें पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार करने में मदद की।” उन्होंने आगे बताया कि विश्व चैंपियनशिप को छोड़कर, नीरज लगभग हर प्रतियोगिता में कम से कम दूसरे स्थान पर रहे, जो कि एक उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। हालांकि, टोक्यो ओलंपिक से 12 दिन पहले लगी पीठ की चोट ने उनके प्रदर्शन पर काफी असर डाला।

