नई दिल्ली : इंडिया ओपन 2026 में भारतीय बैडमिंटन को शुरुआती दौर में झटका लगा, जब दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को पहले राउंड में निचली रैंकिंग की वियतनामी खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, इस टूर्नामेंट में पूर्व विश्व नंबर-1 किदांबी श्रीकांत ने कठिन मुकाबला जीतते हुए दूसरे राउंड में प्रवेश किया और साथ ही खेल परिस्थितियों को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी स्पष्ट राय साझा की।
सिंधू की शुरुआती हार, श्रीकांत ने पहले मैच में दर्ज की जीत
पूर्व विश्व नंबर-1 भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने इंडिया ओपन सुपर 750 में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और हमवतन थरुण मणिपल्ली को कड़े मुकाबले में हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। श्रीकांत ने यह मैच 15-21, 21-6, 21-19 से अपने नाम किया। मैच के बाद उन्होंने टूर्नामेंट में खेल परिस्थितियों को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। दरअसल, डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसे अस्वस्थ वातावरण बताया और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) से हस्तक्षेप की मांग की थी।
श्रीकांत ने खेल व्यवस्थाओं पर उठाए सवालों को खारिज किया
हालांकि, श्रीकांत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि उन्हें आयोजन स्थल पर कोई भी असामान्य या खराब स्थिति नजर नहीं आई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “हर देश की खेल परिस्थितियाँ अलग होती हैं। कहीं शटल ज्यादा ड्रिफ्ट करता है, कहीं कम। मैंने यहां ऐसा कुछ नहीं देखा जिसे ‘खराब’ कहा जा सके।” श्रीकांत ने यह भी याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पहले भी ऐसी समस्याएं सामने आती रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि एक बार डेनमार्क में लाइट चली जाने के कारण उन्हें करीब एक घंटे तक मैच के बीच इंतजार करना पड़ा था, जबकि एच. एस. प्रणय को एक मैच दो दिनों में पूरा करना पड़ा था। 32 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने कहा, “ये घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं और कोई भी देश जानबूझकर ऐसा नहीं करता। सभी आयोजक अच्छा प्रदर्शन सुनिश्चित करना चाहते हैं।”

