मुंबई। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की तेज़ गेंदबाज़ नंदनी शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच लिया है। करियर के दूसरे ही मुकाबले में हैट्रिक लेकर उन्होंने इतिहास रच दिया। जैसे ही उन्होंने तीसरा विकेट लिया, मैदान पर उनकी दहाड़ ने उनके जज़्बात बयां कर दिए। स्टैंड्स की ओर देखकर टीम मैनेजमेंट को दी गई सलामी उस भरोसे का शुक्रिया थी, जो दिल्ली कैपिटल्स ने मुश्किल दौर में उन पर दिखाया।
नंदनी ने पहले मैच में 2 विकेट लेने के बाद अगले ही मुकाबले में 5 विकेट झटकते हुए WPL की पहली अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जिन्होंने टूर्नामेंट में हैट्रिक ली। दो मैचों में सात विकेट लेकर वह फिलहाल पर्पल कैप की दावेदार बन गई हैं। पांच विकेट लेने के बाद नंदनी ने कहा, “टीम ने मुझसे पहले ही कह दिया था कि हालात चाहे जैसे हों, वे मेरे साथ खड़े रहेंगे। उसी भरोसे ने मुझे कुछ खास करने की प्रेरणा दी। मेरा जश्न उसी विश्वास के लिए था।”
चंडीगढ़ की 24 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ पर दिल्ली कैपिटल्स की नज़र लंबे समय से थी। पिछले साल ऑक्शन में उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा गया। उनकी खासियत लगातार सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाज़ी करना और बेहतरीन वैरिएशन है। गुजरात जायंट्स के खिलाफ मुकाबले में उनकी ‘बैक ऑफ द हैंड’ स्लोअर गेंद ने मैच का रुख बदल दिया। पहले ओवर में सोफी डिवाइन से रन खाने के बाद नंदनी ने शानदार वापसी की। दूसरे ओवर में उन्होंने 95 रन पर खेल रही डिवाइन को आउट कर बड़ा झटका दिया। इसके बाद निचले क्रम को समेटते हुए आखिरी ओवर में हैट्रिक पूरी की। खास बात यह रही कि डिवाइन ने खुद पर्पल कैप नंदनी को पहनाई।
स्टैंड्स में उनकी मां सीमा और भाई आकाश मौजूद थे। पर्पल कैप मिलने पर नंदनी ने उनकी ओर हाथ हिलाकर इशारा किया। परिवार ने ही उन्हें इनस्विंगर और वैरिएशन गेंदें सिखाईं। नंदनी ने बताया, “लॉकडाउन के बाद मैंने कोच बदला और लड़कों के साथ अभ्यास किया। वहां से मुझे सीख मिली कि सिर्फ तेज़ नहीं, स्मार्ट गेंदबाज़ी भी जरूरी है।”
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और 2025 में हुए अंडर-23 इमर्जिंग कैंप के बाद DC ने उनकी प्रतिभा पहचानी। टीम के हेड कोच जोनाथन बैटी ने कहा कि नेट्स और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। कप्तान जेमिमाह रोड्रिग्स ने भी नंदनी की तारीफ करते हुए कहा कि वह टीम की सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ों में से एक हैं। साउथ अफ्रीकी स्टार मारीज़ान काप और कोच वेंकटेश प्रसाद से भी नंदनी को लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है।
क्रिकेट से उनका जुड़ाव भाई को अभ्यास करते देखकर शुरू हुआ। आठ साल की उम्र में अकादमी पहुंचीं, लेकिन शुरुआती निराशा के बाद उन्होंने दोबारा वापसी की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। हैट्रिक वाली रात को भारतीय स्टार स्मृति मंधाना की इंस्टाग्राम स्टोरी पर मिली बधाई ने नंदनी की खुशी और बढ़ा दी। उन्होंने कहा, “यह किसी सपने के सच होने जैसा है।” युवा गेंदबाज़ों के लिए उनका संदेश साफ है, “कभी हार मत मानिए। मुश्किलें आएंगी, चोटें भी होंगी, लेकिन लड़कर वापसी करना ही असली जीत है।”

