नई दिल्ली : राजकोट में खेले गए वनडे मुकाबले में भारतीय टीम को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े हो गए। इस हार पर प्रतिक्रिया देते हुए सहायक कोच रेयान टेन डोशेट ने स्पिन विभाग की ओर इशारा किया और कुलदीप यादव तथा रविंद्र जडेजा से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि इन दोनों को मुकाबले में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए थी।
हार की वजह स्पिन विभाग, रेयान टेन डोशेट का बयान
राजकोट वनडे में भारत की हार के साथ ही सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई। सहायक कोच रेयान टेन डोशेट ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम कुछ अहम मौकों पर पिछड़ गई, खासकर मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ पाए। उन्होंने माना कि यही मैच का अहम मोड़ साबित हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेयान टेन डोशेट ने कहा कि राजकोट में जैसी गेंदबाजी देखने को मिली, उससे टीम संतुष्ट नहीं है और आगे के मुकाबलों में इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उन्होंने खास तौर पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका और गेंदबाजी के सही एग्जीक्यूशन पर जोर दिया। रेयान ने कहा कि टीम वापसी कर उन लेंथ्स का बारीकी से विश्लेषण करेगी, जिन पर गेंदबाजी की गई। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी मैच में हार की एक ही वजह नहीं होती और दूसरे वनडे में मिली हार के पीछे कई अलग-अलग कारण जिम्मेदार रहे।
रेयन ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की हार किसी एक मुद्दे की वजह से नहीं बल्कि एक सामूहिक नाकामी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की सफल चेज के हीरो डेरिल मिचेल थे। डेरिल मिचेल ने नियंत्रित लेकिन 131 रन की नाबाद पारी खेली। डेरिल मिचेल की पारी का एक अहम हिस्सा यह था कि उन्होंने भारत के मुख्य रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव का कैसे सामना किया। कुलदीप को जब अटैक में लाया गया तो मिचेल ने उन्हें सेटल नहीं होने दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार जीतने के बाद डेरिल मिचेल ने कहा कि कुलदीप यादव दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं और वह गेंद दोनों तरह से घुमा सकते हैं। मिचेल ने बताया कि उनकी योजना कुलदीप को क्रीज पर जमने से रोकने की थी, और इसमें वे सफल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत में भारत अच्छी स्थिति में था, लेकिन बाद में गेंदबाजों का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा, जिसके चलते टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।

