नई दिल्ली : दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स पर महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में गुजरात जायंट्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, यूपी वॉरियर्स ने डब्ल्यूपीएल 2026 के शेष मैचों के लिए चोटिल खिलाड़ी फीबी लिचफील्ड की जगह इंग्लैंड की विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोंस को अपनी टीम में शामिल किया है।
दिल्ली कैपिटल्स की टीम मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात जायंट्स के खिलाफ केवल तीन रन से हार गई, जिसके कारण टीम अंक तालिका में चौथे स्थान पर खिसक गई। डब्ल्यूपीएल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स पर इसी मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के कारण जुर्माना लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बयान में यह भी कहा गया कि “इस सीजन में यह पहला मौका है जब दिल्ली कैपिटल्स अपनी निर्धारित ओवर गति पूरी नहीं कर पाई, इसलिए कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स पर विमेंस प्रीमियर लीग की आचार संहिता के तहत 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।” दूसरी ओर, फीबी लिचफील्ड के चोटिल होने से यूपी वॉरियर्स को बड़ा झटका लगा है। फीबी टीम की सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं, लेकिन चोट के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
यही कारण है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को होने वाले अहम मुकाबले से पहले यूपी वॉरियर्स की प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फीबी लिचफील्ड ने डब्ल्यूपीएल 2026 में चोटिल होने से पहले छह मैच खेले थे, जिनमें उन्होंने 243 रन बनाए थे। वह इस सीजन के शीर्ष तीन सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। वहीं, एमी जोंस ने अपने करियर में 125 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 1,666 रन बनाए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूपीएल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि एमी जोंस 50 लाख रुपये की रकम में यूपी वॉरियर्स की टीम में शामिल होंगी। यूपी वॉरियर्स अब तक छह मैच खेल चुकी हैं और दो जीत के साथ चार अंक जुटा पाए हैं। टीम को प्लेऑफ में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को कायम रखने के लिए अगले मैच में बड़ी जीत की जरूरत है। वहीं, क्रिकेट जगत की युवा सितारा शेफाली वर्मा ने 15 साल की उम्र में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा और 22 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बनीं। यह बेंच से वर्ल्ड कप हीरो बनने वाली उनकी प्रेरक कहानी है।

