BCCI का बड़ा फैसला: टी20 वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों के साथ नहीं होंगे परिवार

0

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर अपनी गाइडलाइंस स्पष्ट कर दी हैं। टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार, यानी पार्टनर और बच्चे, टीम होटल में ठहर नहीं सकेंगे। टीम मैनेजमेंट की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की मांग के बाद बीसीसीआई ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी किए। हालांकि, खिलाड़ियों के परिवार चाहें तो अपनी व्यवस्था से अलग स्थान पर ठहर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीम मैनेजमेंट ने क्रिकेटरों के परिवारों को उनके साथ रहने की अनुमति को लेकर बीसीसीआई से साफ तौर पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। बोर्ड की मौजूदा नीति के अनुसार, अगर कोई विदेशी दौरा 45 दिनों से ज्यादा का होता है, तो खिलाड़ियों को अपने परिवार (पार्टनर और बच्चों) को अधिकतम 14 दिनों तक अपने साथ रखने की अनुमति दी जाती है।

टीम मैनेजमेंट ने BCCI से स्थिति स्पष्ट करने को कहा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने बताया, ‘भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बीसीसीआई से पूछा था कि क्या पत्नियां और मंगेतर टीम के साथ ट्रैवल कर सकती हैं और क्या वे उनके साथ रह भी सकती हैं?’ इस पर बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि परिवार खिलाड़ियों के साथ नहीं रहेंगे। हालांकि, अगर वे चाहें तो अलग से इंतजाम कर सकते हैं।

आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम लीग चरण के अपने तीन मुकाबले घरेलू मैदानों पर खेलेगी, जबकि एक मैच कोलंबो में होगा। वर्ल्ड कप से पहले भारत ने कई द्विपक्षीय श्रृंखलाएं खेली थीं, जिनमें भी खिलाड़ियों के परिवारों को टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी गई थी। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट के दौरान निजी चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा करेगी। खिलाड़ियों के पास अपने निजी शेफ जरूर हैं, लेकिन उन्हें टीम होटल के बजाय नजदीकी होटल में ठहराया गया है, जहां से वे खिलाड़ियों के लिए भोजन तैयार कर भेज सकेंगे।

दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों का साथ न होना कोई नई व्यवस्था नहीं है। वर्ष 2025 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद बीसीसीआई (BCCI) ने इस संबंध में कई नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। बीते कुछ वर्षों में, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद, खिलाड़ियों को पूरे टूर के दौरान परिवार को साथ रखने की अनुमति दी जा रही थी। लेकिन सपोर्ट स्टाफ के अनुसार, कई मौकों पर कुछ खिलाड़ी अनौपचारिक टीम मीटिंग्स और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल होने के बजाय परिवार के साथ समय बिताना ज्यादा पसंद कर रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने एक बार फिर अपनी पुरानी नीति लागू करने का निर्णय लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here