कोलंबो। ज़िम्बाब्वे के दिग्गज़ विकेटकीपर-बल्लेबाज़ Brendan Taylor हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण मौजूदा T20 विश्व कप से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। यह जानकारी ज़िम्बाब्वे के कप्तान Sikandar Raza ने शुक्रवार को Australia के खिलाफ मुकाबले से पहले टॉस के दौरान दी। टेलर की जगह शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ Ben Curran को टीम में शामिल किया गया है। 40 वर्षीय टेलर को यह चोट ओमान के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले के दौरान लगी थी। उस मैच में उन्होंने 30 गेंदों पर 31 रन बनाए, लेकिन हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के चलते रिटायर हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा था। इससे पहले विकेटकीपिंग करते हुए उन्होंने तीन कैच भी लपके थे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के लिए टेलर का प्लेइंग इलेवन में शामिल होना पहले से ही संदेह के घेरे में था। टीम मैनेजमेंट उनके फिट होने का इंतज़ार कर रहा था, लेकिन मेडिकल आकलन के बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला लिया गया। टेलर की जगह आए बेन करन इससे पहले कभी T20 अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए रिप्लेसमेंट विकल्प नहीं रहे थे। हालांकि घरेलू और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड मजबूत रहा है। 40 T20 पारियों में करन ने 872 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 71 रहा है और स्ट्राइक रेट 126.01 का है।
गौरतलब है कि टेलर ने जुलाई 2025 में साढ़े तीन साल के प्रतिबंध के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। इसके बाद अगस्त में उन्हें New Zealand के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए ज़िम्बाब्वे टीम में शामिल किया गया था। टेलर के बाहर होने से ज़िम्बाब्वे की बल्लेबाज़ी अनुभव के लिहाज़ से कमजोर हुई है, लेकिन टीम को उम्मीद होगी कि बेन करन बचे हुए मुकाबलों में शीर्ष क्रम में स्थिरता प्रदान कर सकें। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जम्मू-कश्मीर की टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 200 रन बनाए। राहुल शर्मा ने नाबाद 89 रन और आकीब मलिक ने 43 रनों की अहम पारी खेली, जिससे मध्य प्रदेश के सामने 201 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की शुरुआत दबाव में रही, लेकिन मध्यक्रम में मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। संजय साकेत और लकी कडारिया ने महज़ 44 गेंदों में 116 रनों की विस्फोटक और रिकॉर्ड साझेदारी कर फाइनल को एकतरफा बना दिया। लकी कडारिया ने 20 गेंदों पर 67 रन, जबकि संजय साकेत ने 25 गेंदों पर 48 रन बनाए। मध्य प्रदेश ने 18 ओवर में 202 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत में कप्तान माखन सिंह राजपूत की सूझबूझ भरी कप्तानी, अंकित सिंह के अनुभव और पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। बड़े लक्ष्य के बावजूद टीम ने संयम और आत्मविश्वास के साथ रनचेज़ को अंजाम दिया।
फाइनल में शानदार बल्लेबाज़ी और उपयोगी गेंदबाज़ी के लिए लकी कडारिया को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। बेहतरीन विकेटकीपिंग के लिए वेदांत गुप्ता को ‘सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर’, जबकि चुस्त फील्डिंग के लिए संजय साकेत को ‘सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक’ का पुरस्कार मिला। पूरे टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश के हरफनमौला खिलाड़ी अंकित सिंह बघेल ने 130 रन बनाने के साथ 9 विकेट झटके। उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द सीरीज़’, ‘सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़’ और दो बार ‘मैन ऑफ द मैच’ के सम्मान से नवाज़ा गया। टीम के कोच अंकित रॉकी शर्मा ने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क का नतीजा है और यह पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ दिव्यांग क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।

