सिरसा। Savita Punia इस बार हॉकी वर्ल्ड कप क्वालीफायर में हिस्सा नहीं लेंगी। पारिवारिक कारणों के चलते वह फिलहाल राष्ट्रीय टीम के कैंप से दूर हैं और हैदराबाद में 8 से 14 मार्च तक होने वाली प्रतियोगिता में नहीं खेलेंगी। सविता के पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि वह कुछ समय के लिए आराम पर हैं और फिलहाल दिल्ली में अपनी ड्यूटी पर हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारणों की वजह से सविता इस टूर्नामेंट में भाग नहीं ले रही हैं, लेकिन जल्द ही कैंप में वापसी करेंगी। उम्मीद है कि वह 22–23 मार्च के बाद फिर से राष्ट्रीय कैंप से जुड़ जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अब सविता का मुख्य लक्ष्य Asian Games 2026 है, जिसकी तैयारी वह कैंप में वापसी के बाद शुरू करेंगी। यह एशियन गेम्स सितंबर में आयोजित होने वाले हैं और भारतीय टीम के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता मानी जा रही है। इस बीच सविता पूनिया का नाम Padma Shri के लिए भी घोषित हुआ है। इस खबर के बाद उनके गांव जोधकां और पूरे सिरसा जिले में खुशी का माहौल है। हाल ही में वह अपने घर आई थीं, जहां परिवार और ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
Savita Punia भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वह 2018 Asian Games में भारत को रजत पदक दिलाने वाली टीम का हिस्सा रही हैं और एशिया की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर भी चुनी जा चुकी हैं। इसके अलावा Tokyo Olympics 2020 में उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें “ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया” के नाम से भी जाना गया। सविता को पहले ही Arjuna Award से सम्मानित किया जा चुका है।
सिरसा जिले के जोधकां गांव में जन्मी सविता ने बचपन से ही हॉकी में रुचि दिखाई। उनके दादा रणजीत सिंह ने उन्हें इस खेल के लिए प्रेरित किया था। साल 2007 में उनका चयन भारतीय सीनियर नेशनल हॉकी कैंप के लिए हुआ और 2011 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। अपनी लंबी कद-काठी और तेज़ फुर्ती के कारण कोच ने उन्हें गोलकीपर की भूमिका में तैयार किया, जहां उन्होंने देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

