नई दिल्ली : संजू सैमसन ने ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के आखिरी तीन मैचों में जिस तरह की बल्लेबाजी की, वह इतिहास के पन्नों में नवाज शरीफ में दर्ज हो गई। संजू ने विरोधी गेंदबाजों पर जोरदार हमला करते हुए भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि संजू के लिए इस टूर्नामेंट की शुरुआत इतनी अच्छी नहीं रही थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में खराब फॉर्म के बाद उनकी जगह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में ईशान किशन को मौका दिया गया था। इसके बावजूद संजू ने धैर्य बनाए रखा और जब उन्हें दोबारा मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींच लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि जब संजू टीम का हिस्सा नहीं थे, तब उनके और संजू के बीच कैसी बातचीत हुई थी।
हमें वही संजू चाहिए जो गेंदबाजों पर टूट पड़े
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि संजू के पास बहुत कुछ है और वो एक ऐसे कीपर हैं जो टॉप पर बैटिंग कर सकते हैं। मुझे याद है कि जब वो लगातार ड्रॉप हो रहे थे तब वो मेरे पास आए और पूछा बस मुझे बताओ की तुम इस टीम में मुझसे क्या चाहते हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमने कहा, हमें वही संजू सैमसन चाहिए जिसे हमने अटैक को तहस-नहस करते देखा है और फिर उन्होंने पूरी टीम से कहा कि मैं वही करूंगा जो टीम चाहती है तभी हम कुछ खास हासिल कर पाएंगे।
किस्मत में जो लिखा है वही होगा
सूर्यकुमार यादव ने आगे बताया कि जब संजू सैमसन टीम में नहीं खेल रहे थे, तब उन्होंने उनसे कहा था कि यह एक मुश्किल दौर है, लेकिन इसे मुश्किल में लेकर आगे बढ़ना होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने संजू से कहा कि अगर भगवान ने उनके लिए कुछ लिखा है तो उन्हें वही मिलेगा। उस समय संजू खुद को तैयार कर रहे थे ताकि मौका मिलने पर उसे पूरी तरह फायदा मिलेगा और पूरी दुनिया उनका खेल देख सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूर्यकुमार ने आगे कहा कि संजू चाहते तो तीनों मैचों में आसानी से शतक बना सकते थे, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय टीम के हिट को प्राथमिकता दी और उसी कामयाबी से बल्लेबाजी की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर आप 89 से 100 तक जाने में 10 गेंदें लेते हैं जबकि आप इसे तीन या चार गेंदों पर कर सकते हैं तो आप दूसरे बैटर के छह गेंद चुरा रहे हैं। शिवम दुबने ने 6 गेंदों पर 28 रन या फिर 8 गेंदों पर 26 रन बनाए और ये सिर्फ इस वजह से हो पाया क्योंकि संजू ने अपने शतक का पीछा नहीं किया। संजू अगर ज्यादा गेंद लेते तो जो टीम एक साथ बैटिंग करके 250-254 बनाती वो 240-245 पर अटक जाती।

