नई दिल्ली : संजू सैमसन के पास ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, इंग्लैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ शतक लगाने का मौका था, लेकिन वह हर बार करीब आकर चूक गए। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ वह 89 रन पर आउट हो गए थे, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन बनाकर नाबाद रहे। दरअसल, भारतीय टीम मैनेजमेंट की ओर से उनसे शतक लगाने का अनुरोध भी किया गया था, लेकिन संजू ने टीम के हित को प्राथमिकता देते हुए इसे विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया।
संजू ने शतक के लिए खेलने से किया इनकार
स्पोर्ट्स स्टार के साथ बातचीत में टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बताया कि उन्होंने संजू सैमसन से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कम से कम एक शतक बनाने का अनुरोध किया था। हालांकि इस स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर कोचिंग स्टाफ यह कहता है कि निजी उपलब्धियां लक्ष्य नहीं होनी चाहिए तो ये दोनों बातें एक साथ संभव नहीं हैं।
कोटक ने कहा कि मैंने संजू से कहा कि एक तो सौ (शतक) करना है। उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि एक तरफ आप कहते हैं कि यह पर्सनल माइलस्टोन के बारे में नहीं है और दूसरी तरफ आप कहते हैं कि मुझे सौ बनाना चाहिए। दोनों चीजें कैसे मुमकिन हो सकते हैं। आपको बता दें कि संजू ने तीनों बड़े मुकाबले में अपने शतक से ज्यादा टीम हित के बारे में सोचा और भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।
हमेशा तैयार रहते थे संजू सैमसन
ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले पांच मैचों में से चार में संजू सैमसन को खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे नेशनल क्रिकेट टीम के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से वह टीम का रेगुलर हिस्सा बन गए। भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने बताया कि वह लगातार सैमसन से कहते रहते थे कि वह तैयार रहें, क्योंकि कभी भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में वापस आने का मौका मिल सकता है। इस पर सैमसन ने कहा कि जब भी भारतीय टीम को उनकी जरूरत होगी, वह अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।
सीतांशु कोटक ने क्रिकबज पर बातचीत में बताया कि वह अक्सर संजू सैमसन से कहते थे, “संजू, तुम्हें नहीं पता कि कब दो-तीन दिन में किसी खिलाड़ी को चोट लग जाए, किसी की फॉर्म खराब हो जाए या फिर टीम कॉम्बिनेशन बदल जाए। इसलिए तुम्हें हमेशा तैयार रहना होगा।”कोटक ने आगे कहा कि इतने अनुभव के बावजूद संजू हमेशा मुस्कुराकर जवाब देते थे, “अरे कोटसी भाई, चिंता मत करो। जब भी टीम को मेरी ज़रूरत होगी, मैं अपना योगदान देने के लिए तैयार रहूंगा।”

