विश्व स्तर पर भारतीय क्रिकेट की सफलता देख भावुक हुईं मिताली राज

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नई दिल्ली : दुनिया भर में भारतीय क्रिकेट के बढ़ते दबदबे को देखकर पूर्व कप्तान मिताली राज भावुक नजर आईं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने हाल के वर्षों में पुरुष, महिला और जूनियर टीमों की लगातार International Cricket Council सफलताओं को भारतीय क्रिकेट के सुनहरे दौर की शुरुआत बताया। मिताली राज ने इन उपलब्धियों के पीछे मजबूत विज़न और संस्थागत सहयोग को सबसे बड़ा कारण माना। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सम्मान समारोह के दौरान मिताली राज ने खास तौर पर क्रिकेट प्रशासन में हुए बदलावों और महिला क्रिकेट को मिले नए अवसरों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इस योगदान ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिताली राज ने कहा है कि विश्व स्तर पर भारतीय क्रिकेट के दबदबे का उनका बरसों पुराना सपना सच हो रहा है। पिछले कुछ साल में भारतीय पुरुष टीम ने 2024 और 2026 टी20 विश्व कप, महिला टीम ने पहला वनडे विश्व कप जीता। जूनियर स्तर पर अंडर 19 टीमों ने भी विश्व खिताब जीते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिताली राज ने कहा, ‘मैं वर्षों से चाहती थी कि भारतीय क्रिकेट का दबदबा हो और अब वह समय आ गया है। पिछले दो तीन साल में भारतीय क्रिकेट महिला, पुरुष या अंडर 19 लड़के और लड़कियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एक पूर्व क्रिकेटर होने के नाते भारतीय क्रिकेट की प्रगति होते देखकर गर्व महसूस होता है।’

मिताली, द्रविड़ और बिन्नी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिताली राज, पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और रोजर बिन्नी को बीसीसीआई पुरस्कार समारोह में रविवार को कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट, खासकर महिला क्रिकेट के कायाकल्प का श्रेय बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष जय शाह को दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिताली राज ने कहा, ‘मैंने महिला क्रिकेट में बदलाव को देखा है और मैं बीसीसीआई और जय सर के सहयोग का जिक्र करना चाहूंगी। पिछले 4-5 साल में भारतीय महिला क्रिकेट में भारी बदलाव आया है और यह एक व्यक्ति के कारण हुआ है।’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिताली राज ने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर इसके लिए उनका विजन और प्रतिबद्धता। उन्होंने महिला क्रिकेट के विकास के लिए काफी प्रयास किये हैं।’ बीसीसीआई में जय शाह के कार्यकाल में महिला और पुरुष क्रिकेटरों की समान मैच फीस की शुरुआत हुई और पूरी तरह से पेशेवर महिला प्रीमियर लीग भी शुरू हुई।

क्रिकेट की प्रेरणा: सचिन और द्रविड़ का प्रभाव

मिताली राज ने बताया कि अपने करियर में उन्होंने सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से काफी प्रेरणा ली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट का अपना अलग सफर रहा है, लेकिन पुरुष क्रिकेटरों से सीखना उनके लिए हमेशा उपयोगी रहा। मिताली ने साझा किया कि उन्होंने राहुल और सचिन से बल्लेबाजी और खेल की तकनीक पर लंबी बातचीत की, और उनके सुझावों ने उनके खेल में महत्वपूर्ण मदद की। यह अनुभव मिताली के लिए प्रेरणादायक रहा और उनके क्रिकेट करियर को मजबूत बनाने में सहायक साबित हुआ।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें भारत के लिए खेलने का अवसर मिला। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में हर किसी को यह मौका नहीं मिलता, और भारत के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य था, जिसे उन्होंने हासिल किया। खेल करियर के बाद उन्होंने थोड़ी देर ब्रेक लिया, लेकिन महसूस हुआ कि वे अभी भी क्रिकेट को योगदान दे सकते हैं। इसके बाद बिन्नी ने कोचिंग में कदम रखा, कर्नाटक की टीम और भारत की जूनियर टीमों को प्रशिक्षित किया, और युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करना उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा।

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