खिलाड़ियों को फंसाने की साजिश? SAI फैक्ट-चेक में फर्जी निकली यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन, IOA और खेल मंत्रालय का लोगो इस्तेमाल

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नई दिल्ली : ‘इंटरनेशनल गेम्स 2026’ में भाग दिलाने के नाम पर प्लेयर्स से मोटी फीस वसूलने की साजिश सामने आई है। सोशल मीडिया और ई-मेल के जरिए भेजे जा रहे एक ब्रॉशर में, यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन ने खुद को इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स से जुड़े बताकर प्लेयर्स से आवेदन लेते थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामले की जानकारी मिलने पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Sports Authority of India/भारतीय खेल प्राधिकरण) ने फैक्ट-चेक जारी कर इस संगठन को फर्जी बताया। साई (SAI) ने साफ किया कि किसी निजी संस्था को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों से फीस लेने की मंजूरी नहीं है।

यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन ने दो खेलों ताइक्वांडो और मुक्केबाजी के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए 825 अमेरिकी डॉलर (करीब 76 हजार रुपये) की फीस तय की गई थी। इस फीस में एथलीटों के हवाई टिकट, रहने और खाने का खर्च भी शामिल था। सोशल मीडिया और ईमेल के ज़रिये एथलीटों को भेजे जा रहे एक ब्रोशर में हिस्सा लेने की फीस जमा करने के लिए बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी दी गई थीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब एक एथलीट ने ‘यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन’ की स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से संपर्क किया तो साई (SAI) ने अपने ‘X’ हैंडल पर फैक्ट-चेक के साथ जवाब दिया। इसमें कहा गया कि यह संगठन न तो SAI और न ही युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) से मान्यता प्राप्त है। इसमें यह भी बताया गया कि SAI किसी भी निजी संस्था को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एथलीटों से भागीदारी शुल्क लेने का अधिकार नहीं देता है।

फर्जी संस्था ने IOA, SAI और खेल मंत्रालय से जुड़ाव का दावा किया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा देखे गए छह पन्नों के ब्रोशर में यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन ने दावा किया कि वह भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), एशियाई खेल संघ (ASA), युवा मामले और खेल मंत्रालय और ‘खेलो इंडिया’ से संबद्ध है। ब्रोशर पर IOA, खेल मंत्रालय और ‘खेलो इंडिया’ के लोगो भी छपे हैं। हालांकि, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने जनवरी में एक निर्देश जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को मंत्रालय और SAI के लोगो का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं है। वे अपनी संबद्धता की पुष्टि करने के लिए केवल एक लिखित बयान का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ब्रोशर में फर्जी संबद्धता का जिक्र करने के अलावा राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं के लिए स्कॉलरशिप्स की सूची भी दी गई है। इस दस्तावेज पर ‘यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन’ की महासचिव सलमा के हस्ताक्षर हैं। हालांकि, IOA या MYAS की वेबसाइट पर ऐसी किसी भी संस्था का जिक्र नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘हमें इस तरह के एक घोटाले के बारे में तब पता चला जब एक एथलीट ने हमसे संपर्क किया। उस एथलीट ने SAI को एक चिट्ठी लिखकर उस संगठन की वैधता के बारे में पूछा। इस संगठन ने पहले भी तथाकथित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए हैं।’

संपर्क करने के बावजूद फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एथलीट ने यह स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन एक आधिकारिक संस्था है और क्या इसे युवा मामले और खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। इस मामले को लेकर SAI कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है, क्योंकि इस तरह से कोई खेल संगठन चलाना असंवैधानिक है। जब द इंडियन एक्सप्रेस ने फर्जी फेडरेशन के ब्रोशर पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो किसी ने भी फोन नहीं उठाया।

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