नई दिल्ली : 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना देख रहे भारत को गुरुवार, 19 मार्च 2026 को एक बड़ी सफलता मिली, जब वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन को ने 2028 वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भुवनेश्वर को मेजबान शहर घोषित किया। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक साख को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी हासिल कर रहा है—चाहे कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच हों या अब इंडोर एथलेटिक्स जैसा वैश्विक इवेंट—जिससे देश की खेल क्षमता और महत्वाकांक्षा की बड़ी तस्वीर साफ नजर आने लगी है।
ये इवेंट दरअसल एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा हैं, जहां भारत खुद को एक भरोसेमंद, सक्षम और वैश्विक स्तर के खेल आयोजक के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। भुवनेश्वर की यह मेजबानी न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजन क्षमता की परीक्षा होगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि भारत 2036 ओलंपिक की रेस में कितनी मजबूती से दावेदारी पेश कर सकता है। हालांकि, भारत की ओलंपिक खेलों की बोली का मुकाबला 2022 फीफा वर्ल्ड कप के मेजबान कतर से होगा।
कतर ने जुलाई 2025 में 2036 ओलंपिक के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा की थी। कतर ने 4 साल पहले FIFA वर्ल्ड कप की मेजबानी करने के अलावा 2006 में एशियन गेम्स की भी मेजबानी की थी। एशियन गेम्स का 2030 संस्करण भी इसी देश में आयोजित किया जाएगा। भारत को तुर्की, इंडोनेशिया, हंगरी और जर्मनी से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। जर्मनी 1936 के बर्लिन ओलंपिक की 100वीं वर्षगांठ मनाना चाहता है।
सेबेस्टियन को की नजर IOC अध्यक्ष पद पर
दिसंबर 2024 में सेबेस्टियन को ने कहा था कि बड़े आयोजनों का सफल आयोजन भारत को ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों का ट्रैक रिकॉर्ड’ दिखाने में मदद कर सकता है, जो देश के लिए 2036 के ग्रीष्मकालीन खेलों की मेजबानी हासिल करने की उसकी कोशिश में सहायक साबित होगा। सेबेस्टियन को ने IOC अध्यक्ष बनने की दौड़ में अपनी दावेदारी पेश की थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दो बार के ओलंपिक चैंपियन सेबेस्टियन को ने कहा, ‘सबसे पहले मैं भारतीय एथलेटिक्स का बहुत आभारी हूं कि वे हमारे और भी इवेंट्स आयोजित करने की इच्छा दिखा रहे हैं। मुझे लगता है कि अगर किसी देश की ओलंपिक से जुड़ी कोई महत्वाकांक्षा है।’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेबेस्टियन को ने कहा, ‘…और मुझे पूरा यकीन है कि भारत की है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों के सफल आयोजन का अपना ट्रैक रिकॉर्ड दिखाना निश्चित रूप से मददगार साबित होगा।’ सेबेस्टियन को ने 1980 मॉस्को और 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 1500 मीटर में गोल्ड मेडल जीता था।
वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स के लिए AFI की सफल बोली
वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने बोली लगाई थी। इस बोली को पोलैंड में होने वाली 2026 चैंपियनशिप से पहले हुई मीडिया ब्रीफिंग में वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल से मंजूरी मिल गई। यह चैंपियनशिप शुक्रवार 20 मार्च से पोलैंड के टोरून शहर में शुरू हुई। वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल के सदस्यों ने भुवनेश्वर के कलिंगा इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। मार्च 2024 में बनकर तैयार हुई यह देश में एकमात्र इंडोर फैकल्टी है।
AFI ने 2028 एशियन इंडोर चैंपियनशिप के साथ-साथ अगले साल होने वाली एशियन रिले चैंपियनशिप के लिए भी बोली लगाई है। रिले चैंपियनशिप के लिए चंडीगढ़ को प्रस्तावित स्थल के तौर पर चुना गया है। एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मार्च 2026 के पहले सप्ताह में कलिंगा इंडोर स्टेडियम का जायजा लेने के लिए भुवनेश्वर का दौरा किया था।
हमारी तैयारी का सबूत बनेंगे ये इवेंट्स: अंजू बॉबी जॉर्ज
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जॉर्ज ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि ओलंपिक से पहले भारत में होने वाली बड़ी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप देश को मेजबानी के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया के शीर्ष एथलीटों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलता है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है। अंजू के मुताबिक, भारत में ओलंपिक की मेजबानी करने की पूरी क्षमता है, लेकिन ये बड़े इवेंट्स यह साबित करेंगे कि देश इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है।
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने X पर पोस्ट किया, ‘दुनिया भारत आ रही है! यह जानकर बहुत खुशी हुई कि ओडिशा का भुवनेश्वर 2028 वर्ल्ड एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।’ भुवनेश्वर पहले भी बड़े ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स की मेजबानी कर चुका है। 2017 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप भी कलिंगा स्टेडियम में हुई थी। पिछले साल वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर ब्रॉन्ज लेवल प्रतियोगिता भी यहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार AFI अध्यक्ष बहादुर सिंह सागू ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय एथलीट वैश्विक स्तर पर अच्छा प्रभाव डाल रहे हैं।’ वर्ल्ड इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी हासिल करना भारत की उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह ओलंपिक खेलों से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय मल्टी-डिसिप्लिनरी इवेंट्स और बड़े कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट्स आयोजित करना चाहता है।
जुलाई में लुसाने में इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) के शीर्ष पदाधिकारियों से मिले एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बात की पुष्टि की कि ओलंपिक के ‘किसी भविष्य के संस्करण’ की मेजबानी के लिए देश की पसंद अहमदाबाद है। नारनपुरा में 820 करोड़ रुपये की लागत से बना वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए प्रस्तावित स्थलों में से एक है। इसके साथ ही निर्माणाधीन सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव भी इस सूची में शामिल है, जिसमें मौजूदा नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी स्थित होगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2025 में एशियन एक्वेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी से पहले, अगस्त में वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया था। वहीं गुजरात सरकार ने हाल ही में पेश अपने बजट में अहमदाबाद को ओलंपिक के लिए तैयार शहर बनाने के उद्देश्य से 500 करोड़ रुपये आवंटित किए, जिससे राज्य की खेल अवसंरचना को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


