दिल्ली। केएल राहुल ने T20 क्रिकेट में ऐसी पारी खेली जिसने न सिर्फ रिकॉर्ड बुक को हिला दिया, बल्कि आधुनिक बल्लेबाज़ी की सोच को भी नए सिरे से परिभाषित कर दिया। उन्होंने 67 गेंदों पर नाबाद 152 रन बनाकर आईपीएल और T20 इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज़ का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज किया। मैच के बाद राहुल ने कहा कि उन्हें अब T20 क्रिकेट की “आधुनिक मांगों” के साथ खुद को ढालना पड़ा है, जहां शुरुआती गेंदों से ही आक्रामक रुख अपनाना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा, “अब सोचने का समय नहीं है, हर गेंद पर दबाव बनाना पड़ता है।”
यह पारी भले ही उनकी टीम के लिए जीत में नहीं बदल सकी, लेकिन क्रिकेट जगत में इसकी गूंज काफी दूर तक सुनाई दी। राहुल ने अपनी पारी में 16 चौके और 9 छक्के लगाए और लगभग 227 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की। उन्होंने केवल 47 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो उनके आईपीएल करियर का सबसे तेज शतक भी है। इस मैच में राहुल ने नितीश राणा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 220 रनों की साझेदारी की, जो आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक है और दो भारतीय बल्लेबाज़ों के बीच सबसे बड़ी पार्टनरशिप भी है। राणा ने भी 91 रनों की शानदार पारी खेली।
राहुल ने कहा कि उन्होंने विश्व क्रिकेट के बदलते ट्रेंड को करीब से देखा है और समझा है कि अब T20 में “लेट नहीं, तुरंत अटैक” का दौर है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने छह लगाने की क्षमता पर खास काम किया है ताकि शुरुआत से ही रन गति तेज रखी जा सके। क्रिकेट विशेषज्ञों ने राहुल की इस पारी को उनके करियर की सबसे परिपक्व और आक्रामक पारियों में से एक बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पारी ने दिखाया कि राहुल अब केवल तकनीकी बल्लेबाज़ नहीं रहे, बल्कि आधुनिक T20 क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप खुद को ढाल चुके हैं। मैच के दौरान राहुल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में अपने नैसर्गिक खेल पर भरोसा रखा और बाद में स्थिति के अनुसार आक्रामकता बढ़ाई। उन्होंने यह भी माना कि उनका लक्ष्य टीम को 250 से ऊपर के स्कोर तक पहुंचाना था।


