नई दिल्ली: आईपीएल 2026 का सीजन अब आधे से ज्यादा सफर तय कर चुका है और इसी के साथ प्लेऑफ की तस्वीर भी धीरे-धीरे साफ होने लगी है। टीमें और उनके फैंस अब अंक तालिका के हर बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि हर मुकाबला क्वालिफिकेशन के समीकरण बदल सकता है। मौजूदा स्थिति को देखें तो दो टीमों ने प्लेऑफ की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं और उनका स्थान लगभग पक्का माना जा रहा है। वहीं दो टीमें ऐसी भी नजर आ रही हैं, जिनके लिए आगे की राह बेहद मुश्किल हो चुकी है। इसके अलावा कई टीमें अब भी अगर-मगर के गणित में फंसी हुई हैं, जहां एक जीत या हार से पूरा समीकरण बदल सकता है। आइए जानते हैं प्लेऑफ की पूरी तस्वीर।
इस साल के आईपीएल में पंजाब किंग्स अकेली ऐसी टीम है, जो एक भी मैच नहीं हारी है। टीम ने सारे मैच जीते हैं, एक मैच बारिश के कारण रद हो गया था। टीम ने सात में से छह मैच जीते हैं और उसके पास कुल 13 अंक हैं। ऐसा नहीं लगता कि टीम को किसी नेट रन रेट की भी जरूरत पड़ेगी। टीम के प्लेऑफ में जाने के 95 प्रतिशत चांस हैं। हां, टीम को अब ये देखना होगा कि वे पॉइंट्स टेबल में टॉप पर फिनिश करे। अगर टीम ने तीन मैच जीत लिए तो उसका टॉप 2 में फिनिश करना तय हो जाएगा।
इसके बाद नंबर आता है आरसीबी का। सोमवार को ही आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को जबरदस्त तरीके से मात दी है, इससे उसके नेट रन रेट को भी बूस्ट मिला है। टीम ने 8 में से छह मैच जीते हैं और उसके पास 12 अंक हैं। नेट रन रेट की बात की जाए तो ये अब +1.919 का हो गया है। जो सबसे शानदार है। टीम के प्लेऑफ में जाने के 90 प्रतिशत चांस हैं।
इस बीच कुछ टीमें बीच में फंसी हुई हैं। वे ना तो टॉप में हैं और ना ही बॉटम में। इनमें सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स का नाम प्रमुखता से आता है। दोनों टीमों के 8 मैचों में 10-10 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद का रन रेट राजस्थान से थोड़ा बेहतर है। इन दोनों को अगले 6 मैचों में से कम से कम 3 मैच जीतने होंगे, ताकि 16 पॉइंट्स का सुरक्षित आंकड़ा छू सकें। इन दोनों के प्लेऑफ में जाने के 80 प्रतिशत चांस आज की तारीख में दिखते हैं।
बात अगर अंक तालिका में बीच की टीमों की करें तो उसमें गुजरात टाइटंस आती है। टीम के 8 मैचों में 4 जीत के साथ उनके 8 पॉइंट्स हैं। उन्हें टॉप-4 में जगह बनाने के लिए अपने बचे हुए मैचों में से कम से कम 4 जीतने ही होंगे। ये काम मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।
अब उन टीमों की बात करते हैं, जिनका प्लेऑफ में जाना मुश्किल दिखता है, लेकिन अगर उन्होंने आने वाले दो से तीन मैच जीत लिए तो वे फिर से दावेदार हो जाएंगी। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और मुंबई इंडियंस (MI), ये वो टीमें हैं, जो पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे हैं। लखनऊ 8 मैचों में सिर्फ 4 पॉइंट्स जुटा पाई है, जबकि मुंबई के 7 मैचों में 4 पॉइंट्स हैं। इन दोनों टीमों के लिए अब हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा है। एक भी और हार इनका प्लेऑफ का सपना खत्म कर सकती है।
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) की बात करें तो दोनों के 8 मैचों के बाद 6-6 पॉइंट्स हैं। इनका प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। क्वालीफाई करने के लिए इन्हें अपने बचे हुए 6 मैचों में से कम से कम 5 जीतने होंगे और साथ ही नेट रन रेट में भी बड़ा सुधार करना होगा। यानी उनके लिए भी रास्ता काफी मुश्किल है। लेकिन इस बात का ध्यान रखिएगा कि अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक रूप से प्लेऑफ में अपनी जगह नहीं बनाई है, वहीं कोई भी टीम बाहर नहीं हुई है। आने वाले तीन से चार मैच हर टीम के लिए अहम हैं, वहीं प्लेऑफ की चार टीमें तय करते हुए नजर आएंगे।


