नई दिल्ली : जसप्रीत बुमराह ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) में अब तक 10 मैचों में 109.66 के औसत से केवल 3 विकेट हासिल किए हैं। वानखेड़े में उनका प्रदर्शन और भी कमजोर रहा है, जहां उन्होंने 24 ओवर में 241 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया है। इन आंकड़ों से भले ही यह लगे कि वह खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं, लेकिन असल कहानी इससे अलग है। उनके खराब आंकड़ों के पीछे दो बड़े कारण हैं—पहला, वानखेड़े की पिच पूरी तरह बल्लेबाजों के लिए अनुकूल है, जहां गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद मिलती है। दूसरा कारण यह है कि मुंबई इंडियंस के अन्य गेंदबाज भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं, जिससे पूरा दबाव बुमराह पर आ जाता है।
आईपीएल 2026 में वानखेड़े में स्कोरिंग रेट 11.03, रन प्रति विकेट 42.65 और बाउंड्री प्रतिशत 25.7% रहा है। इन तीनों मामले में मुंबई के इस स्टेडियम से केवल जयपुर का सवाईमान सिंह स्टेडियम आगे है, जहां सिर्फ दो मैच हुए हैं। वानखेड़े में 12 में से 11 पारियों में 195 से ज्यादा का स्कोर बना है। आठ में 220 से ज्यादा का स्कोर बना है। ऐसा किसी टी20 टूर्नामेंट में किसी स्टेडियम में नहीं हुआ।
बोल्ट और चाहर का निराशाजनक प्रदर्शन
रनों की बरसात देखते हुए वानखेड़े में बुमराह का प्रदर्शन ठीक है। उन्होंने 10.04 की इकॉनमी से रन दिए हैं। बाकी के गेंदबाजों ने 11.05 की इकॉनमी से रन दिए हैं। बुमराह को अन्य गेंदबाजों से सपोर्ट नहीं मिल रहा। मुंबई इंडियंस का गेंदबाजी औसत और इकॉनमी रेट दोनों काफी लचर है। उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी कमजोर है। नए गेंद के विशेषज्ञ गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट और दीपक चाहर ने नई गेंद से कुल मिलाकर 13 ओवर में 170 रन देकर 1 विकेट लिए हैं। अंत के ओवरों (16-20 ओवर) में भी मुंबई इंडियंस ने खराब गेंदबाजी की है। पावरप्ले और डेथ ओवरों में कम से कम दो ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में बुमराह का मुंबई इंडियंस के लिए सबसे अच्छा इकॉनमी है।
इकॉनमी रेट में बुमराह से आगे केवल सुनील नरेन
आईपीएल 2026 में 66 गेंदबाजों ने 10 से ज्यादा ओवर किए हैं। जसप्रीत बुमराह से बेहतर इकॉनमी केवल कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन की है। बुमराह की इकॉनमी 8.89 की है। सुनील नरेन री 6.81 की है। पूरे मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों की इकॉनमी रेट 11.17 का है। बुमराह को छोड़कर मुंबई इंडियंस के हर की इकॉनमी 10 से ज्यादा की है।
महंगे ओवरों के बाद ही बुमराह की एंट्री
बुमराह के साधार आंकड़ों का एक कारण यह है कि उनका इस्तेमाल की संकटमोचक की तरह हुआ है। उन्हें मंहगे ओवरों के बाद इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने केवल दो बार गेंदबाजी की शुरुआत की। इसके अलावा 35 ओवरों में उनका इस्तेमाल तब हुआ है जब दूसरे छोर से इकॉनमी 12.57 की रही है। इन 35 में 13 ओवर में उन्होंने तब गेंदबाजी की जब पिछले ओवर में 15 से ज्यादा रन बने हैं। इसके बाद भी इन ओवरों में बुमराह ने 9.2 की इकॉनमी से रन दिए हैं।
बुमराह की धार क्यों हुई कमजोर
बुमराह को आईपीएल 2026 में 57.2 प्रतिशत गेंदों पर अटैक का सामना करना पड़ा है, जो मुंबई इंडियंस के कम से कम 100 गेंद फेंकने वाले तेज गेंदबाजों में सबसे कम है। यह आंकड़ा बताता है कि असली स्थिति उतनी खराब नहीं है जितनी दिख रही है। लीग की बेहद सपाट पिचों पर गेंदबाजी करना और दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग न मिलना उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, उन्हें अक्सर बड़े ओवरों के बाद गेंदबाजी के लिए लगाया जा रहा है, जिससे बल्लेबाज उनके खिलाफ सेट होकर खेलते हैं। अगर केवल विकेटों की संख्या के बजाय अन्य आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए, तो साफ पता चलता है कि बुमराह की गेंदबाजी सामान्य नहीं, बल्कि परिस्थितियों से प्रभावित रही है।


