नई दिल्ली. दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए IPL 2026 का सीजन मुश्किलों से भरा रहा है और इसमें एक बड़ा नाम लगातार चर्चा में है — कुलदीप यादव। लेफ्ट-आर्म कलाई के इस स्पिनर की फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उनकी लाइन और लेंथ पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले छह मैचों से विकेट नहीं निकाल पाने वाले कुलदीप ने इस सीजन में 11 मैचों में सिर्फ 7 विकेट लिए हैं। उनकी इकॉनमी 10.66 और औसत 50 के पार पहुंच चुका है, जो किसी भी प्रमुख स्पिनर के लिए चिंताजनक आंकड़े हैं।
लगातार बिगड़ती गेंदबाजी
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मैच में कुलदीप को तीन ओवर में 41 रन पड़े और वे एक भी विकेट नहीं ले सके। खास बात यह रही कि उन्हें हर ओवर में बाउंड्री लगी, जिसमें फिन एलेन और कैमरन ग्रीन जैसे बल्लेबाजों ने उन्हें आसानी से खेला। पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता ने कहा कि समस्या सिर्फ रन देना नहीं है, बल्कि गलत जगह गेंद डालना है। उनके मुताबिक, अगर गेंदबाज को पिटना भी है तो सीधा खेल में पिटना चाहिए, न कि स्क्वायर ऑफ द विकेट।
टीम मैनेजमेंट भी चिंतित
DC के क्रिकेट डायरेक्टर वेणुगोपाल राव ने भी स्वीकार किया कि टीम एक बड़ी समस्या से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि कुलदीप और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों में से एक का भी फॉर्म में न होना टीम के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने साफ कहा, “हम इस फेलियर को फेस कर रहे हैं, और इसका असर पूरी गेंदबाजी यूनिट पर पड़ता है।”
आंकड़े जो कहानी बताते हैं
इस सीजन में कुलदीप ने फुल लेंथ गेंदों पर खासा रन दिया है और विकेट निकालने में भी असफल रहे हैं। वहीं मिडिल लेंथ पर वे थोड़े बेहतर दिखे, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आ रही है। पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल मैक्लेनाघन ने भी कहा कि कुलदीप सही एरिया में गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बल्लेबाजों को आसानी हो रही है।
आगे की चुनौती
दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती कुलदीप की फॉर्म वापस लाना है। टीम चाहे तो भी उन्हें ज्यादा समय तक बाहर नहीं रख सकती, क्योंकि वह रणनीति का अहम हिस्सा हैं। लेकिन फिलहाल उनका प्रदर्शन टीम की राह मुश्किल कर रहा है।


