जयपुर. Vaibhav Sooryavanshi आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से अलग पहचान बना चुके हैं। तेज गेंदबाज़ों की ‘गुड लेंथ’ गेंदें, जिन्हें आमतौर पर बल्लेबाज़ों के लिए सबसे मुश्किल माना जाता है, वैभव के लिए सबसे बड़े हथियार बन गई हैं। पिछले दो आईपीएल सीजन में जहां बल्लेबाज़ गुड लेंथ गेंदों पर सिर्फ 6.6 प्रतिशत बार छक्का लगा पाए, वहीं सूर्यवंशी ने ऐसी 16.4 प्रतिशत गेंदों को सीधे स्टैंड में पहुंचाया। उनका स्ट्राइक रेट लगभग हर लेंथ पर बाकी बल्लेबाज़ों से कहीं ज्यादा है, जिससे वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए हैं।
सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी सिर्फ आक्रामक सोच का नतीजा नहीं, बल्कि उनकी अनोखी तकनीक भी इसकी बड़ी वजह है। क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक वह पारंपरिक बल्लेबाज़ों की तरह फ्रंट फुट पर ज्यादा वजन नहीं डालते, बल्कि ज्यादातर समय बैक फुट पर टिके रहते हैं। इसी वजह से वह तेज गेंदों को भी देर से खेलकर सीधे और ताकतवर शॉट लगा पाते हैं। उनका शरीर का झुकाव, बैकलिफ्ट और तेज हाथ उन्हें दूसरे बल्लेबाज़ों से अलग बनाते हैं। यही कारण है कि वह कठिन गेंदों पर भी आसानी से छक्के लगाने में सफल रहते हैं।
वैभव सूर्यवंशी को टी20 दौर का पहला “जन्मजात बल्लेबाज़” भी कहा जा रहा है। उनके बचपन के कोच ने खुलासा किया कि उन्होंने कभी डिफेंस खेलने की ट्रेनिंग पर ज्यादा जोर नहीं दिया, बल्कि हर गेंद पर नए विकल्प और बड़े शॉट विकसित करने पर काम किया। यही सोच उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों से अलग बनाती है। आईपीएल 2026 में उनका प्रभाव इतना बड़ा रहा है कि आंकड़ों के अनुसार हर गेंद पर वह अपनी टीम के स्कोर में औसतन 0.52 रन अतिरिक्त जोड़ रहे हैं, जो लीग में सबसे ज्यादा है। उनकी बल्लेबाज़ी ने साबित कर दिया है कि टी20 क्रिकेट अब पूरी तरह नई सोच और नई तकनीक का खेल बन चुका है।


