कोलंबो। लंका प्रीमियर लीग (LPL) ने 2026 सीजन के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की है। सबसे अहम बदलावों में इम्पैक्ट सब्स नियम को शामिल किया गया है, जिससे टीमों को मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी को रणनीतिक रूप से उपयोग करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही हर टीम के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि प्लेइंग इलेवन में एक अंडर-23 खिलाड़ी (1 जुलाई 2003 या उसके बाद जन्म) हमेशा शामिल रहे। खास बात यह है कि इम्पैक्ट सब्स के उपयोग के बाद भी यह शर्त लागू रहेगी, जिससे युवा खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
कोलंबो में हुए ड्राफ्ट के दौरान इन नियमों को लेकर फ्रेंचाइजी के बीच काफी रणनीतिक चर्चा देखने को मिली। पांचों टीमों को अपनी स्क्वाड संरचना बहुत सोच-समझकर तैयार करनी पड़ी, क्योंकि अब अनुभव के साथ-साथ युवा प्रतिभा को भी बराबर महत्व देना अनिवार्य हो गया है। ड्राफ्ट में खिलाड़ियों को पांच श्रेणियों में बांटा गया, जिनमें प्लैटिनम, गोल्ड, क्लासिक, एसोसिएट और अंडर-23 इमर्जिंग कैटेगरी शामिल रही। इससे टीमों को बजट और प्रतिभा दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ा।
इस सीजन में कई बड़े नाम भी चर्चा में रहे। प्री-साइनिंग में एंजेलो मैथ्यूज, दिनेश चांदीमल, शाकिब अल हसन, मोईन अली और वानिंदु हसरंगा जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल रहे। वहीं ड्राफ्ट में रहमानुल्लाह गुरबाज और मोहम्मद नवाज जैसे विदेशी खिलाड़ियों को भी अहम जगह मिली। टीमों की बात करें तो इस बार लगभग सभी फ्रेंचाइजी में बदलाव देखने को मिला। SC Jaffna Kings, Colombo Kaps, Kandy Royals, Galle Gallants और Dambulla Sixers ने नए नाम, नए मालिक और नई कोचिंग संरचना के साथ इस सीजन में प्रवेश किया है। ड्राफ्ट लगभग चार घंटे चला, जिसमें टीमों को कम से कम 18 खिलाड़ियों की स्क्वाड तैयार करनी थी।
कुल 14 राउंड के अनिवार्य चयन और दो वैकल्पिक राउंड भी रखे गए। लिस्ट में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल रहे, जिनमें शाकिब अल हसन, Rahmanullah Gurbaz, डेविड वीज़े, लिटन दास, मोईन अली और वानिंदु हसरंगा जैसे नाम प्रमुख रहे। आयोजकों के अनुसार, नए नियमों का उद्देश्य युवा प्रतिभा को अधिक अवसर देना और मैचों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। फ्रेंचाइजी मालिकों ने भी माना कि इससे टीम संयोजन और रणनीति पर बड़ा असर पड़ेगा।


