नई दिल्ली : भारत महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन किया। तीन मैचों की सीरीज के आखिरी मुकाबले में भी भारतीय टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने सीरीज 1-2 से गंवा दी। सीरीज के पहले मैच में भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरे और तीसरे मुकाबले में जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम कर ली।
भारत की रणनीति हुई बेअसर
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होगी और भारतीय महिला टीम इस आईसीसी टूर्नामेंट से ठीक पहले इंग्लैंड दौरे पर है। यहां पर भारत ने वर्ल्ड कप से शुरू होने से ठीक पर इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज खेली जिसे तैयारी की लिहाज से काफी अहम माना जा रहा था, लेकिन भारत ने इस सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ सरेंडर कर दिया और उसे हार का सामना करना पड़ा। अब भारत को इस सीरीज में मिली हार के बाद अपनी कमियों को दूर करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरना होगा।
भारत को 6 विकेट से झेलनी पड़ी हार
इंग्लैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर की 56 रन की अर्धशतकीय पारी साथ ही यास्तिका भाटिया और दिप्ती शर्मा की 32-32 रन की पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 180 रन बनाए। इंग्लैंड को जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य मिला और इस टीम ने एलिस कैप्सी की 82 रन की पारी साथ ही हीथर नाइट की नाबाद 70 रन की पारी के दम पर 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 184 रन बनाकर मैच जीत लिया। एलिस कैप्सी इस मैच में मैन ऑफ द मैच रहीं जबकि उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया।
इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम की टी20 सीरीज
भारत महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की ओर से तीसरे टी20 मुकाबले में ओपनर स्मृति मंधाना केवल 8 रन ही बना सकीं, जबकि शेफाली वर्मा भी प्रभाव नहीं छोड़ पाईं और 11 रन बनाकर आउट हो गईं। जेमिमा रोड्रिग्स ने 19 गेंदों में 29 रन की तेज पारी खेली, वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर 56 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड की धरती पर टी20 क्रिकेट में यह हरमनप्रीत का इंग्लैंड के खिलाफ पहला अर्धशतक भी रहा। इस सीरीज में भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन रहा, जो लगातार बड़ी शुरुआत देने में नाकाम रही। टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले इस कमजोरी पर काम करना होगा, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए स्मृति मंधाना का फॉर्म में लौटना बेहद जरूरी माना जा रहा है।


