महिला टी20 विश्व कप में भारत का लक्ष्य, लंबे इंतजार के बाद ट्रॉफी जीतने की कोशिश

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नई दिल्ली : महिला टी20 विश्व कप का आगाज 12 जून (शुक्रवार) से होने जा रहा है। इस टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नजरें भी अब वनडे विश्व कप ट्रॉफी का सूखा खत्म करने के बाद टी20 फॉर्मेट में पहली बार खिताब जीतने पर होंगी। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर रिकॉर्ड 10वीं बार महिला टी20 विश्व कप खेलने उतरेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस टूर्नामेंट के लिए भारत को ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम, बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम, दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम, पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम और नीदरलैंड्स महिला क्रिकेट टीम के साथ ग्रुप ए में रखा गया है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपना अभियान 14 जून को पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबले से शुरू करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस टूर्नामेंट से पहले भारत को मेजबान इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, वर्ल्ड कप से पहले खेली गई टी20 सीरीज में भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ 1-2 से सीरीज हार झेलनी पड़ी थी। ऐसे में अब टीम के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन कुछ मजबूत पक्ष भी मौजूद हैं। आने वाले मैचों में टीम इंडिया अपनी ताकत और कमजोरियों के संतुलन के साथ मैदान में उतरने की कोशिश करेगी।

क्या हैं टीम इंडिया की कमजोरियां?

1- ओपनिंग जोड़ी का खराब फॉर्म
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलता काफी हद तक सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा पर निर्भर करेगी। हालांकि यह जोड़ी फिलहाल आउट ऑफ फॉर्म नजर आ रही है। स्मृति मंधाना ने पिछले छह टी20 इंटरनेशनल मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है, जबकि शेफाली वर्मा का हालिया प्रदर्शन भी टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में अगर यह ओपनिंग जोड़ी बड़ी साझेदारी नहीं कर पाती है तो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

2- डेथ ओवर्स में बल्लेबाजी और गेंदबाजी
भारतीय महिला टीम ने वनडे वर्ल्ड कप जरूर जीता है लेकिन टी20 में टीम के लिए अभी दबाव झेलना बड़ी चुनौती है। खासतौर से जब डेथ ओवर्स में गेंदबाजी या इनिंग व मैच को फिनिश करने की बात आए तब। बल्लेबाजी में टीम ऋचा घोष पर निर्भर है। इंग्लैंड के खिलाफ वार्म अप मैच में यह देखने को मिला था। गेंदबाजी में टीम की सीनियर खिलाड़ी रेणुका ठाकुर, राधा यादव और दीप्ति शर्मा को जिम्मेदारियां लेनी होंगी। साथ ही बल्लेबाजी में भी राधा, दीप्ति और भारती फूलमाली को ऋचा का साथ देना होगा।

3- भारत के सामने ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ की चुनौती
भारतीय महिला टीम की इसे कमजोरी नहीं कह सकते लेकिन अगर चुनौतियों की बात होगी तो सबसे बड़ी चुनौती है कि टीम का ग्रुप आसान नहीं है। भारत के ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें हैं। कमजोरी यह है कि भारतीय टीम लगातार इन दोनों टीमों के आगे विवश होती आई है। वहीं बांग्लादेश और पाकिस्तान भी इस ग्रुप में हैं जिन्हें कमजोर नहीं आंका जा सकता है। ऐसे में यह ग्रुप ए, आगे टूर्नामेंट में ग्रुप ऑफ डेथ बन सकता है।

भारतीय महिला टीम की क्या हैं ताकत?

1- बल्लेबाजी क्रम में अनुभव की भरमार
भारतीय महिला टीम की इस टी20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी ताकत है उसका अनुभव। इस टीम इंडिया में अनुभव की भरमार है। युवा शेफाली वर्मा तक को कई सालों का अनुभव हो चुका है। जबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना, मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर अपना 10वां वर्ल्ड कप खेलेंगी। साथ ही ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, मध्यक्रम की रीढ़ जेमिमा रोड्रिग्स, गेंदबाजी में सबसे अनुभवी रेणुका ठाकुर इस टीम को अनुभवी बनाती हैं। अब देखना होगा कि यह अनुभव क्या भारत के लिए पहले महिला टी20 वर्ल्ड कप के इंतजार को खत्म कर पाता है।

2- ऋचा घोष की हिटिंग क्षमता बन सकी है टर्निंग पॉइंट
भारतीय टीम के पास मध्यक्रम में और लोअर ऑर्डर में टी20 के लिए परफेक्ट कही जाने वाली बैटर ऋचा घोष मौजूद हैं। उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप में भी बेहतरीन फिनिश से कई बार भारत को जीत दिलाई थी। अब टी20 वर्ल्ड कप में भी वह टीम इंडिया के लिए ट्रम्प कार्ड बन सकती हैं। उन्होंने वार्म अप मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 36 गेंद पर 68 रन ठोके थे। उनका बेहतरीन फॉर्म इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

3- मजबूत स्पिन अटैक और बेहतरीन पेसर्स
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी के बाद उसकी स्पिन गेंदबाजी मानी जा रही है। टीम के पास अनुभवी दीप्ति शर्मा हैं, जो स्पिन विभाग की बागडोर संभालेंगी। उनके अलावा वर्ल्ड चैंपियन राधा यादव, श्री चरणी और श्रेयांका पाटिल भी इस स्क्वाड का हिस्सा हैं। यह स्पिन यूनिट विरोधी टीमों के लिए मुश्किलें खड़ी करने की क्षमता रखती है। तेज गेंदबाजी में भारत के पास वर्ल्ड चैंपियन रेणुका सिंह ठाकुर और क्रांति गौड़ की मजबूत जोड़ी मौजूद है। इसके अलावा महिला प्रीमियर लीग की खोज मानी जाने वाली युवा पेसर नंदनी शर्मा भी इस आक्रमण को मजबूती देती हैं। ऐसे में भारत का गेंदबाजी आक्रमण इस टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन कर सकता है।

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