कोलंबो। भारत के हरजाई मिल्खा सिंह और कृष चावला की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित एपीजीसी जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप 2026 का बालक टीम खिताब अपने नाम कर लिया। रॉयल कोलंबो गोल्फ क्लब में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भारतीय जोड़ी ने कुल नौ-अंडर पार का संयुक्त स्कोर बनाया और दक्षिण कोरिया की जेयी सोन-जियुल चुन तथा थाईलैंड की जेसाडा चुआंगप्रायून-ताक्रित सुपागोनचूवोंग की मजबूत जोड़ियों को एक-एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए स्वर्णिम सफलता हासिल की। एशिया-प्रशांत गोल्फ परिसंघ (APGC) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत सहित 15 देशों के 64 जूनियर गोल्फरों ने हिस्सा लिया, जिससे यह जीत और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। हरजाई मिल्खा सिंह ने सात-अंडर 206 (69, 70, 67) के कुल स्कोर के साथ व्यक्तिगत बालक वर्ग में उपविजेता स्थान हासिल किया। वह दक्षिण कोरिया के विजेता जेयी सोन से केवल तीन स्ट्रोक पीछे रहे। वहीं कृष चावला ने दो-अंडर 211 (75, 67, 69) के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठा स्थान प्राप्त किया। हालांकि भारतीय बालिका टीम की गुंतास कौर संधू और राशि मिश्रा क्रमश: 18वें और 19वें स्थान पर रहीं तथा पदक की दौड़ में जगह नहीं बना सकीं।
भारत लौटने पर भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू) के अधिकारियों ने विजेता खिलाड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। हरजाई मिल्खा सिंह ने कहा कि एपीजीसी जूनियर चैंपियनशिप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत के लिए टीम खिताब जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने रॉयल कोलंबो गोल्फ क्लब को चुनौतीपूर्ण कोर्स बताते हुए कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच संयम बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने भारतीय गोल्फ संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प जताया।
भारतीय गोल्फ संघ के अध्यक्ष बृजिंदर सिंह ने इस उपलब्धि को भारतीय गोल्फ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताते हुए हरजाई और कृष को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महासंघ देशभर में जमीनी स्तर पर गोल्फ को बढ़ावा देने और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मौजूदगी मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। वहीं भारतीय गोल्फ संघ के कार्यवाहक महानिदेशक तुषार मल्होत्रा ने खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत के साथ-साथ भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को भी दिया। उन्होंने कहा कि टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और एएनएसएफ (ANSF) के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता के कारण ही भारतीय टीमों को लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भेजना संभव हो पा रहा है।


