ब्रिस्टल। महिला टी20 विश्व कप 2026 में स्कॉटलैंड की टीम भले ही लगातार जीत दर्ज नहीं कर पा रही हो, लेकिन उसका प्रदर्शन और जुझारूपन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ छह विकेट से हार के बाद टीम की प्रमुख बल्लेबाज डार्सी कार्टर ने साफ कहा कि व्यक्तिगत प्रदर्शन तभी मायने रखता है जब टीम जीत हासिल करे।
कार्टर ने मैच के बाद कहा कि उन्हें रन बनाने की खुशी है, लेकिन टीम का न जीत पाना निराशाजनक है। उन्होंने माना कि कई मौकों पर वे टीम को बेहतर स्थिति में ले जाने में सफल रहीं, लेकिन मैच को अंत तक ले जाने और जीत में बदलने में कमी रह गई।
स्कॉटलैंड ने इस टूर्नामेंट में अब तक बेहतर खेल दिखाया है। 2024 संस्करण में बिना किसी जीत के बाहर होने वाली टीम ने इस बार आयरलैंड को हराकर इतिहास रचा और वेस्टइंडीज तथा न्यूज़ीलैंड जैसी मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी। हालांकि दोनों मैचों में उन्हें करीबी हार का सामना करना पड़ा।
कार्टर ने कहा कि टीम में सुधार साफ दिखाई दे रहा है, खासकर पिछले दो वर्षों की तुलना में। उन्होंने बताया कि टीम को उच्च स्तर की अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ और अधिक मैच खेलने की जरूरत है, ताकि बड़े टूर्नामेंट के दबाव को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्कॉटलैंड की टीम अभी भी अपेक्षाकृत युवा है और कई खिलाड़ियों के पास सीमित अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। ऐसे में मजबूत टीमों के खिलाफ नियमित मुकाबले उनके विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
स्कॉटलैंड की टीम ने पिछले कुछ वर्षों में कई द्विपक्षीय और क्वाड्रैंगुलर सीरीज खेली हैं और इनमें अच्छा प्रदर्शन भी किया है, लेकिन शीर्ष स्तर की टीमों के खिलाफ लगातार खेलने का मौका उन्हें कम मिला है। यही वजह है कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभव की कमी कभी-कभी भारी पड़ जाती है। टीम के पास अब श्रीलंका के खिलाफ एक और मुकाबला बचा है, जिसमें वह इस विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी।


