नई दिल्ली : टी20 विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे के दूसरे टी20 मुकाबले से अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी और तीसरे मैच में भी उन्हें मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिला। यह निर्णय उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया, क्योंकि शुरुआती तीन टी20 पारियों में वह केवल छह रन ही बना सके थे, जिसमें एक बार बिना खाता खोले आउट भी हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, टीम इंडिया की लगातार नाकामियों के बाद अब आगामी मुकाबलों में उनकी वापसी की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।
संजू सैमसन को अंतिम एकादश से बाहर रखने का फैसला ऐसे समय लिया गया, जब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कराने की मांग लगातार बढ़ रही थी। टीम प्रबंधन ने वैभव को मौका तो दिया, लेकिन इसके लिए संजू सैमसन को अपनी जगह गंवानी पड़ी। चूंकि वैभव भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं, इसलिए उन्हें टीम में शामिल करना चयनकर्ताओं के लिए आसान नहीं था। टीम के सामने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन में से किसी एक को बाहर रखने का विकल्प था। अंततः हालिया प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया और इसकी कीमत संजू सैमसन को चुकानी पड़ी।
क्या चौथे टी20 में लौटेंगे संजू सैमसन?
तो अब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में में सैमसन का भविष्य क्या होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने बताया कि उन्होंने इस विकेटकीपर-बल्लेबाज से बात कर ली है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बातचीत निजी रहेगी। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में मिली हार के बाद गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को जिस स्पष्टता की जरूरत थी वह मैंने उन्हें दे दी है और वह बातचीत कोच और खिलाड़ी के बीच ही रहेगी। जहां तक स्पष्टता की बात है हम पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि वर्ल्ड कप के दौरान संजू ने भारत के लिए जो किया है वह शानदार रहा है और कभी-कभी आपको किसी खिलाड़ी की फॉर्म पर भी ध्यान देना पड़ता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई तय नियम नहीं है कि संजू सैमसन इस टी20 श्रृंखला में वापसी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंततः नतीजे ही सबसे अधिक मायने रखते हैं, इसलिए टीम प्रबंधन उसी संयोजन और उसी प्लेइंग इलेवन के साथ उतरता है, जिससे जीत की सबसे अधिक संभावना हो।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गंभीर ने यह भी कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह प्रदर्शन के दम पर बनानी और भारत के लिए खेलने का अधिकार अर्जित करना पड़ता है। पिछले पांच में से चार मैचों में मिली हार पर उन्होंने स्वीकार किया कि टीम परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सफल नहीं रही। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके मुताबिक, चाहे आयरलैंड का दौरा हो या इंग्लैंड का, सच्चाई यही है कि टीम ने हालात के अनुरूप क्रिकेट नहीं खेला। गंभीर ने कहा कि अगर खिलाड़ी परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर प्रदर्शन करते, तो लगातार चार हार का सामना नहीं करना पड़ता।


