बोस्टन। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मोरक्को और फ्रांस आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला चार साल पहले कतर विश्व कप के सेमीफाइनल की यादें ताजा करेगा, लेकिन इस बार मोरक्को की टीम बिल्कुल नए अंदाज में मैदान पर उतरेगी। 2022 विश्व कप में मोरक्को अपनी मजबूत रक्षापंक्ति, अनुशासित खेल और तेज जवाबी हमलों के दम पर सेमीफाइनल तक पहुंचा था। हालांकि, इस बार मुख्य कोच मोहम्मद औहबी के नेतृत्व में टीम अधिक आक्रामक और गेंद पर नियंत्रण रखने वाली शैली में खेल रही है।
विश्व कप के नॉकआउट चरण में नीदरलैंड जैसी मजबूत टीम भी मोरक्को के खिलाफ अपनी पारंपरिक आक्रामक रणनीति छोड़कर रक्षात्मक रवैया अपनाने पर मजबूर हो गई। मोरक्को ने उस मुकाबले में लगभग 70 प्रतिशत समय गेंद अपने पास रखी और खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। अंततः टीम ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
मोरक्को की नई रणनीति में अज़ेद्दीन औनाही को अधिक स्वतंत्र भूमिका दी गई है, जबकि ब्राहिम डियाज और इस्माइल साइबारी की गतिशीलता ने आक्रमण को और धारदार बनाया है। युवा मिडफील्डर अयूब बुआद्दी ने भी टीम के खेल में नई ऊर्जा और रचनात्मकता जोड़ी है। दूसरी ओर, फ्रांस के पास किलियन एम्बाप्पे जैसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं और टीम बड़े मुकाबलों का अनुभव रखती है। ऐसे में क्वार्टर फाइनल में दोनों टीमों के बीच रणनीति, तकनीक और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा देखने को मिलेगी। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का मुकाबला 2022 के सेमीफाइनल से अलग होगा, क्योंकि मोरक्को अब केवल जवाबी हमलों पर निर्भर रहने वाली टीम नहीं, बल्कि खेल की गति और गेंद पर नियंत्रण स्थापित करने वाली मजबूत दावेदार बन चुका है।


