मियामी। फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा है। टीम के डिफेंडर जैरेल क्वानसाह पर मेक्सिको के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मिले रेड कार्ड के बाद दो मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते वह शनिवार को नॉर्वे के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल में नहीं खेल पाएंगे। यदि इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचता है तो क्वानसाह उस मुकाबले से भी बाहर रहेंगे। क्वानसाह को मेक्सिको के खिलाफ 3-2 की जीत के दौरान 54वें मिनट में VAR समीक्षा के बाद रेड कार्ड दिखाया गया था। उन्होंने मेक्सिको के डिफेंडर जीसस गालार्डो पर ऊंचा टैकल किया था, जिसे रेफरी ने गंभीर फाउल माना। इसके बाद इंग्लैंड को शेष 36 मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बावजूद इसके टीम ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और अंतिम आठ में जगह बनाई।
इस प्रतिबंध ने इंग्लैंड की रक्षापंक्ति की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। नियमित राइट बैक रीस जेम्स अभी भी हैमस्ट्रिंग चोट से उबर रहे हैं और नॉर्वे के खिलाफ उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। वह टीम के मुख्य अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए और अलग से फिटनेस कार्यक्रम पर काम कर रहे हैं। टूर्नामेंट के दौरान इंग्लैंड पहले ही राइट बैक की समस्या से जूझ रहा है। पनामा के खिलाफ मैच में क्वानसाह चोटिल हो गए थे, जिसके बाद डजेड स्पेंस को मौका मिला। कांगो डीआर के खिलाफ भी स्पेंस खेले, जबकि बाद में डेक्लान राइस को अस्थायी राइट बैक की भूमिका निभानी पड़ी। मेक्सिको के खिलाफ क्वानसाह की वापसी हुई, लेकिन रेड कार्ड मिलने के बाद एजरी कॉन्सा को उस स्थान पर खेलना पड़ा।
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूखल ने फीफा के अनुशासनात्मक फैसलों में एकरूपता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कुछ मामलों में प्रतिबंध कम किए जा सकते हैं तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में ऐसा संभव है। ट्यूखल ने संकेत दिया कि नियमों के समान अनुपालन को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। अब इंग्लैंड की निगाहें रीस जेम्स की फिटनेस पर टिकी हैं। यदि वह समय पर फिट नहीं होते हैं तो नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में टीम को रक्षापंक्ति में फिर बदलाव करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड की मौजूदगी इंग्लैंड की रक्षा के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।


