चंडीगढ़। पंजाब की पैरा पावरलिफ्टर जसप्रीत कौर का संघर्ष और सफलता का सफर प्रेरणा की मिसाल बन गया है। कभी सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाली 32 वर्षीय जसप्रीत अब ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीन वर्ष की उम्र में पोलियो से प्रभावित हुईं जसप्रीत ने बढ़ते वजन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अपनी नौकरी छोड़ दी। फिट रहने के उद्देश्य से उन्होंने जिम जाना शुरू किया, लेकिन यही कदम उन्हें पैरा पावरलिफ्टिंग की दुनिया में ले आया। कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास का परिणाम यह रहा कि हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया पैरा गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 45 किलोग्राम वर्ग में 101 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है।


