नई दिल्ली : इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में खेला जाने वाला वनडे मुकाबला रोहित शर्मा के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हो सकता है। भारतीय टीम प्रबंधन ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखते हुए लगभग डेढ़ साल पहले ही रोहित से आगे बढ़ने की योजना बनानी शुरू कर दी है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और इसके बाद 2025 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया। हालांकि, टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद आईसीसी खिताब जिताने के बावजूद रोहित को कप्तानी की जिम्मेदारी से हटाने का फैसला लिया गया।
कप्तानी से हटने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि रोहित शर्मा की भारतीय टीम में जगह वनडे फॉर्मेट में भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, भले ही वह इस प्रारूप में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक ही नजरिए से देखा जा रहा था, क्योंकि वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली भी टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को लेकर सवाल उठने लगे थे और उनके भविष्य को लेकर माहौल काफी चर्चा में था।
रोहित-विराट के भविष्य पर उठे सवाल, टीम इंडिया ने बदली रणनीति
रोहित-विराट के भविष्य पर सवाल उठने लगे। बढ़ती उम्र में केवल एक फॉर्मेट में खेलकर खुद को फिट रखना और फॉर्म में बने रहना आसान नहीं होता। चुनौती इसलिए भी बड़ी थी, क्योंकि वनडे ज्यादा नहीं होते। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर फिटनेस पर काफी काम करने के बाद गए रोहित शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया। वह प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। विराट कोहली पहले दो वनडे में शून्य पर आउट हुए और आखिरी मैच में अर्धशतक जड़ा। यह वह वक्त था जब रोहित और कोहली एक ही कश्ती पर सवार थे। ऐसी परिस्थिति थी कि दोनों का मैच दर मैच मूल्यांकन होना था।
सवालों के बीच विराट का जवाब बल्ले से, खुद को साबित किया
इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने आई। इस दौरान विराट कोहली अपनी पुरानी लय में लौट चुके थे। उन्होंने फिटनेस के साथ-साथ यह भी साबित कर दिया कि वनडे क्रिकेट में अब भी उनकी बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं है। विराट ने इस सीरीज में 151 के शानदार औसत से रन बनाए और तीन मैचों में दो शतक जड़े। वहीं दूसरी ओर, रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली में बदलाव नजर आया। वह नई गेंद के खिलाफ संघर्ष करते दिखे और उनकी बल्लेबाजी में वह आक्रामकता कम दिखाई दी, जिसके दम पर उन्होंने 2023 वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
रोहित की फिटनेस पर सवाल, भविष्य को लेकर बढ़ी चर्चा
साल 2026 की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर खेली गई सीरीज में रोहित शर्मा बुरी तरह फ्लॉप रहे। वह 3 मैच में सिर्फ 61 रन ही बना पाए। वहीं, विराट कोहली ने 80 की औसत से 240 रन बनाए। हालांकि, रनों की कमी और क्रीज पर जूझते रहना ही रोहित शर्मा के खिलाफ नहीं गया। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) में उनकी फिटनेस उन्हें गच्चा दे गई। उनकी पुरानी ग्रोइन की चोट उभर आई। इसके कारण वह मुंबई इंडियंस के लिए काफी मुकाबलों में नहीं खेल पाए। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना भी उनके लिए दिक्कत की बात हो गई।
युवा जायसवाल का जलवा
आईपीएल 2026 के दौरान अपना 39वां जन्मदिन मनाने वाले रोहित शर्मा को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेल पाएंगे। इसी बीच अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में विराट कोहली की अनुपस्थिति में यशस्वी जायसवाल को मौका मिला। पहले मैच के बाद शानदार फॉर्म में चल रहे कप्तान शुभमन गिल ने जायसवाल के लिए खुद को निचले क्रम में भेजा और रोहित शर्मा के साथ उन्होंने ओपनिंग की। सीरीज के आखिरी वनडे में यशस्वी जायसवाल ने शतक जड़ा, जबकि रोहित शर्मा ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा थी कि अफगानिस्तान सीरीज के बाद रोहित को टीम से बाहर किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वह टीम का हिस्सा बने रहे।
रोहित शर्मा के लिए मुश्किल रहा इंग्लैंड दौरा
यशस्वी जायसवाल को तीन मैचों में दो शतक लगाने के बावजूद इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम में जगह नहीं मिली। इससे पहले लगातार यह चर्चा चल रही थी कि शानदार फॉर्म में चल रहे इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को आखिर कब तक मौके का इंतजार करना पड़ेगा। भारतीय चयनकर्ताओं के इस फैसले से संकेत मिल गए थे कि इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। रोहित पर सिर्फ रन बनाने का ही नहीं, बल्कि क्रीज पर सहज और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी करने का भी दबाव था, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे। इंग्लैंड दौरे पर रोहित ने शुभमन गिल और विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लगा जैसे वह अलग परिस्थितियों में खेल रहे हों, जबकि बाकी दोनों बल्लेबाज अपनी लय में नजर आए।


