नई दिल्ली : महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई 81 रन की मैच जिताऊ पारी के बाद भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज की खुलकर सराहना की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मण ने कहा कि वैभव में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता है और यदि वह इसी तरह मेहनत करते रहे तो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े सितारे बन सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी प्रतिभा को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए वैभव को फिटनेस और शारीरिक मजबूती पर अभी काफी मेहनत करने की जरूरत है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि वह वैभव सूर्यवंशी के जज्बे, सीखने की क्षमता और खेल की समझ से बेहद प्रभावित हैं। उनके अनुसार, पिछले छह महीनों में युवा बल्लेबाज की मैच परिस्थितियों को समझने और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव ने अपने आलोचकों को बल्ले से करारा जवाब देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनकी मैच जिताऊ पारी की बदौलत भारत ने 35 रन से जीत दर्ज की और 3-0 से श्रृंखला अपने नाम की। पूरे दौरे में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीवीएस लक्ष्मण ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘सबसे प्रभावित करने वाली बात एक व्यक्ति के तौर पर उसका विकास है। पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल की समझ और जागरूकता जबरदस्त बढ़ी है। यही वजह है कि वह कठिन परिस्थितियों को अच्छी तरह संभाल पा रहा है।’’वैभव सूर्यवंशी ने तीन पारियों में 50.33 के औसत से 151 रन बनाए। शृंखला के अंतिम मैच में उनकी 81 रन की शानदार पारी भारत की जीत की नींव बनी। यह प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ उनके निराशाजनक पदार्पण दौरे के बाद आया, जहां वैभव सूर्यवंशी ने 13, 14 और 15 रन की पारियां खेलीं। वह पांचवें और अंतिम टी20 से बाहर कर दिए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उस शृंखला में भारत को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। मुख्य कोच गौतम गंभीर को व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच विश्राम दिए जाने के कारण इस दौरे पर भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘उसने (वैभव सूर्यवंशी) अंडर-19 विश्व कप खेला और 4-5 महीने के भीतर आईपीएल में अपना दबदबा कायम कर लिया।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना ऊंचा होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने खुद को निखारा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ा, उससे उसकी प्रतिभा और क्षमता का पता चलता है।’’ उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी में खुद को लगातार बेहतर बनाने की ललक साफ दिखाई देती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि वह चोटिल होने के बावजूद मैदान पर बने रहकर टीम के लिए योगदान देना चाहता था। वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहता है। आज के मैच में भी वह क्षेत्ररक्षण के दौरान पूरी तरह सक्रिय था।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘चोट लगने के बाद भी वैभव सूर्यवंशी मैदान पर रहना चाहता था, लेकिन हमारे फिजियो ने उसे बाहर आने के लिए कहा। इससे पता चलता है कि टीम के लिए हरसंभव योगदान देने की उसमें कितनी इच्छा है।’’ वीवीएस लक्ष्मण ने खुलासा किया कि अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक से चूकने के बाद वैभव सूर्यवंशी निराश थे।
वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने युवा बल्लेबाज को यह भी समझाया है कि उसके सामने लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर है और उसे भविष्य में कई बड़े मौके मिलेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मण ने कहा, “हमने उससे कहा कि आगे भी उसे शतक बनाने के कई अवसर मिलेंगे। उसका करियर अभी लंबा है और उसमें हर दिन खुद को बेहतर बनाने की जबरदस्त ललक है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह लगातार प्रगति करेगा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करेगा।” उन्होंने भरोसा जताया कि यदि वैभव इसी समर्पण और मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।
वीवीएस लक्ष्मण ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, “उसके पास ऐसा करने की पूरी क्षमता और योग्यता है।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट का मजबूत ढांचा और लगातार उभर रही नई प्रतिभाएं टीम को आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। लक्ष्मण के अनुसार, “मेरा मानना है कि हमारे पास कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जो अगले पांच से दस वर्षों में भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएंगे और टीम को वैश्विक स्तर पर लगातार सफलता दिलाएंगे।” उन्होंने विश्वास जताया कि युवा खिलाड़ियों की यह नई पीढ़ी भारत के उज्ज्वल क्रिकेट भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।


