नई दिल्ली : इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने हाल ही में 2028 और 2030 टी20 विश्व कप के लिए टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बदलाव की जानकारी दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी इस प्रतियोगिता में टीमों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। फिलहाल टी20 विश्व कप में 20 टीमें हिस्सा लेती हैं। उल्लेखनीय है कि 2024 संस्करण में टीमों की संख्या 16 से बढ़ाकर 20 की गई थी। अब प्रस्तावित योजना के तहत इसे बढ़ाकर 24 टीमों तक किया जा सकता है, जिससे टूर्नामेंट में अधिक देशों को भाग लेने का अवसर मिलेगा और प्रतियोगिता का दायरा और भी व्यापक होगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी का दीर्घकालिक लक्ष्य टी20 विश्व कप को 32 टीमों तक विस्तार देना है। हालांकि यह बदलाव तुरंत लागू नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 2028 और 2030 के टी20 विश्व कप में 20 टीमें ही हिस्सा लेंगी, जबकि टीमों की संख्या बढ़ाकर 24 या उससे अधिक करने पर अगले चक्र, यानी 2032 संस्करण से विचार किया जा सकता है। हालांकि, 2028 और 2030 के दोनों टी20 विश्व कप आईसीसी के नए फॉर्मेट के तहत खेले जाएंगे, जिससे टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बनाने की योजना है। टीमों की संख्या फिलहाल 20 ही रहेगी, लेकिन भविष्य में वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के विस्तार को ध्यान में रखते हुए इसमें बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
आईसीसी यह बड़ा बदलाव क्यों करना चाहती है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2026 टी20 विश्व कप को मिली सफलता के बाद आईसीसी अन्य देशों के लिए अवसर बढ़ाने और दुनिया के नए क्षेत्रों में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है। इसी रणनीति के तहत टी20 विश्व कप में अधिक टीमों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि उभरते क्रिकेट देशों को भी वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि आईसीसी का दीर्घकालिक लक्ष्य टी20 विश्व कप को 32 टीमों का टूर्नामेंट बनाना है। हालांकि, इस बदलाव को एक साथ लागू करने के बजाय आईसीसी चरणबद्ध तरीके से टीमों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इससे टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा, आयोजन और लोकप्रियता का आकलन किया जा सकेगा, साथ ही वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के विस्तार को भी नई गति मिलेगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईसीसी टी20 प्रारूप को दुनिया भर में क्रिकेट के विस्तार का सबसे प्रभावी माध्यम मानती है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर इस फॉर्मेट को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी भी इसी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। यदि टी20 विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़ती है, तो एसोसिएट देशों के लिए भी टूर्नामेंट में क्वालिफाई करने के अवसर अधिक हो जाएंगे, जिससे नए क्रिकेट राष्ट्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रस्ताव का 2028 और 2030 के टी20 विश्व कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यदि आईसीसी इस योजना को अंतिम मंजूरी देती है, तो 24 या उससे अधिक टीमों वाला नया प्रारूप 2032 संस्करण से लागू किया जा सकता है।
आईसीसी द्वारा बदले गए टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट का ब्लू प्रिंट
| पुराना फॉर्मेट | नया फॉर्मेट |
|---|---|
| ग्रुप स्टेज: 4 ग्रुप, प्रत्येक में 5 टीमें (कुल 40 मैच) | ग्रुप स्टेज: 5 ग्रुप, प्रत्येक में 4 टीमें (कुल 30 मैच) |
| प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष 2 टीमें अगले दौर में पहुंचती थीं। | प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष 2 टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। |
| सुपर-8: 4-4 टीमों के 2 ग्रुप (कुल 12 मैच) | सुपर-10: 5-5 टीमों के 2 ग्रुप (कुल 20 मैच) |
| प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष 2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। | प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। |
| — | प्रत्येक ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम से एलिमिनेटर खेलेगी। |
| — | एलिमिनेटर: 2 मैच |
| सेमीफाइनल: 2 मैच | सेमीफाइनल: 2 मैच |
| फाइनल | फाइनल |


