नई दिल्ली : शर्मिला धनखड़ ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव के बाद वल्लुरी अजय बाबू ने सोमवार (28 जुलाई) को रजत पदक जीतकर भारत के अभियान को नई मजबूती दी। वहीं, सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा शिल्पा ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।
एथलेटिक्स में अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर आगे और पदक जीतने की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं। भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का चौथा दिन शानदार उपलब्धियों से भरा रहा, जहां दिन की सबसे बड़ी कहानी पैरा एथलेटिक्स से आई। 40 वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया।
शिल्पा शायला ने दिलाया भारत को कांस्य, पदक तालिका हुई मजबूत
शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया। पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।
ज्ञानेश्वरी यादव ने दिलाया भारत को एक और रजत पदक
एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले 21 वर्षीय अजय बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 181 किग्रा वजन उठाकर कुल 330 किग्रा का भार दर्ज किया। उन्होंने दोनों वर्गों में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन स्वर्ण पदक से वह मामूली अंतर से चूक गए। अनुभवी भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने अच्छी चुनौती दी, लेकिन क्लीन एंड जर्क में दो नाकाम प्रयासों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन से जीता रजत पदक
बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112 समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इन खेलों में इतिहास रच दिया। कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी 2.25 मीटर के बाद 2.28 मीटर पार करने में असफल रहे, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर बेकफोर्ड को विजेता घोषित किया गया।
सर्वेश कुशारे की ऊंची उड़ान, तेजस्विन शंकर का रिकॉर्ड पीछे छूटा
इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। अन्य भारतीय खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में भारत का एकमात्र पदक तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक के रूप में जीता था, लेकिन 31 वर्षीय कुशारे ने रजत पदक जीतकर उस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया।
श्रीशंकर का दमदार प्रदर्शन, फाइनल में किया प्रवेश
तेजस्विन ने भी सोमवार को स्पर्धा में हिस्सा लिया, लेकिन गुरुवार से शुरू होने वाली पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा की तैयारी को देखते हुए उन्होंने 2.05 मीटर के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद हटने का फैसला किया। भारत के लंबी कूद के खिलाड़ी एम. श्रीशंकर ने क्वालीफाइंग स्तर पार करके राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बनाई, जबकि लोकेश सत्यनाथन भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर आगे बढ़ने में सफल रहे।
श्रीशंकर का शानदार प्रदर्शन, पदक की उम्मीदें हुईं मजबूत
श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा के ग्रुप-ए में पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। उनका इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर रहा है। फाइनल में जगह बनाने के लिए आठ मीटर का क्वालीफाइंग मार्क या फिर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 12 खिलाड़ियों में शामिल होना जरूरी था। 27 वर्षीय श्रीशंकर अपने ग्रुप से सीधे क्वालीफाइंग मार्क हासिल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे, जबकि ग्रुप-ए के पांच अन्य एथलीट शीर्ष-12 में जगह बनाकर फाइनल में पहुंचे। वहीं, ग्रुप-बी में भारत के सत्यनाथन ने पहले ही प्रयास में 7.77 मीटर की छलांग लगाई। वह अपने ग्रुप में रेगन कोरिन (7.84 मीटर) के बाद चौथे स्थान पर रहे और शीर्ष-12 के आधार पर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। अब पुरुषों की लंबी कूद का फाइनल 29 जुलाई को खेला जाएगा, जहां भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें रहेंगी।


