नई दिल्ली : भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पंवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की 54 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में कनाडा की प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 22 वर्षीय प्रीति ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण बनाए रखा और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों का अपना पहला पदक हासिल किया। प्रीति की इस उपलब्धि के तुरंत बाद 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जैस्मिन लंबोरिया ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीत लिया। इस तरह भारतीय मुक्केबाजों ने लगातार दो मुकाबलों में जीत दर्ज कर बॉक्सिंग में भारत की झोली में बैक-टू-बैक दो गोल्ड मेडल डाल दिए।
प्रीति पंवार का पंच, भारत के नाम हुआ गोल्ड
भारत को बॉक्सिंग में जिस ऐतिहासिक गोल्ड मेडल का इंतजार था वह मिल गया और भिवानी की प्रीति पंवार ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में भारत के लिए मेडल का खाता खोला। एशियन चैंपियन प्रीति अब कॉमनवेल्थ चैंपियन भी बन गई हैं और उन्होंने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से सर्वसम्मत फैसले (unanimous decision) के साथ शानदार जीत हासिल की।
प्रीति पंवार ने पूरे मुकाबले में बनाए रखा दबदबा
फाइनल मुकाबले में भारतीय बॉक्सर ने शुरू से आखिर तक अपना दबदबा बनाए रखा और महिलाओं के 54 किलोग्राम फाइनल का पहला राउंड स्कारलेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ 5-0 के एकतरफा फैसले से जीता। सभी पांच जजों ने एक जैसा 10-9 स्कोर देकर उनके पक्ष में फैसला सुनाया। पहले राउंड की तरह ही दूसरा राउंड भी प्रीत के पक्ष में रहा था। इसके अलावा डेलगाडो को एक पेनल्टी पॉइंट मिला जिससे स्कोर और भी ज्यादा भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में हो गया। सभी पांच जजों ने एक जैसा ही 20-18 का स्कोर दिया।’
जैस्मिन लंबोरिया बनीं गोल्डन गर्ल
प्रीति के बाद जैस्मिन लंबोरिया ने भी अपने पंच का दम ग्लासगो में दिखाया और उन्होंने भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का काम किया। जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल मेंउत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराया और खिताब अपने नाम किया। जैस्मिन ने इससे पहले 2022 कॉमनवेल्थ में भारत के लिए लाइटवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ये उनका दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल रहा। इन 2 गोल्ड के बाद भारत के इस इवेंट में गोल्ड मेडल की संख्या अब 7 हो गई।
जादुमनी सिंह मंडेंगबाम को गोल्ड से चूकने का मलाल
भारत के पुरुष मुक्केबाज जादुमनी सिंह मंडेंगबाम राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 55 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जे. डिक्सन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। मुकाबले की शुरुआत से ही डिक्सन आक्रामक नजर आए और उन्होंने तीनों राउंड में बढ़त बनाए रखी। जादुमनी ने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज के सामने उनकी रणनीति सफल नहीं हो सकी और अंततः उन्हें रजत पदक के साथ अभियान समाप्त करना पड़ा।


