नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होगी। लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरेगी। इस दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रविंद्र जडेजा और केएल राहुल सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। वहीं 15 सदस्यीय दल के 12 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार श्रीलंका में टेस्ट मैच खेलेंगे। अनुभवी ऑलराउंडर जडेजा के सामने इस सीरीज में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। यदि वह पहले टेस्ट में दो विकेट लेने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देंगे।
भारत के लिए अभी तक कोई भी ऐसा स्पिन ऑलराउंडर नहीं हुआ है जिसने टेस्ट में 4000 से ज्यादा रन बनाए हैं और 350 विकेटों का आंकड़ा छुआ है। रविंद्र जडेजा के नाम अभी 89 टेस्ट मैचों में 4095 रन और 348 विकेट दर्ज हैं। अगर वह गॉल में 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में 2 विकेट लेते हैं तो वह दुनियाभर में ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे खिलाड़ी बनेंगे।
अब तक टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ तीन खिलाड़ी ही 4000 से अधिक रन और 350 या उससे ज्यादा विकेट लेने का दुर्लभ डबल पूरा कर सके हैं। इस विशिष्ट सूची में भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव का नाम भी शामिल है। हालांकि कपिल तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर थे, लेकिन भारत का कोई भी स्पिन ऑलराउंडर आज तक यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है। कपिल देव के अलावा इयान बॉथम और डैनियल विटोरी ने भी यह मुकाम हासिल किया है। अब रविंद्र जडेजा इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने से महज दो विकेट दूर हैं और वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन सकते हैं।
टेस्ट क्रिकेट में 4000+ रन और 350 विकेट लेने वाले खिलाड़ी
- कपिल देव: 5248 रन, 434 विकेट
- इयान बॉथम: 5200 रन, 383 विकेट
- डैनियल विटोरी: 4531 रन, 362 विकेट
भारत के स्पिन ऑलराउंडर्स का रिकॉर्ड
- अनिल कुंबले: 2506 रन, 619 विकेट
- रविचंद्रन अश्विन: 3503 रन, 537 विकेट
- हरभजन सिंह: 2225 रन, 417 विकेट
- रविंद्र जडेजा: 4095 रन, 348 विकेट*
रविंद्र जडेजा ने 2012 में नागपुर टेस्ट के जरिए इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। तब से वह भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी लगातार अहम योगदान दिया है और कई मौकों पर भारतीय मध्यक्रम की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाली है। जडेजा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि लंबे समय से वनडे टीम का भी हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में उनका पूरा फोकस अब टेस्ट क्रिकेट पर है, जहां आने वाले समय में उनके पास कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम करने का सुनहरा अवसर होगा।


