नई दिल्ली : ओवैस याकूब इन दिनों भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से ताल्लुक रखने वाले इस युवा फाइटर ने बुल्गारिया में आयोजित BRAVE CF 107 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने दो बार के IMMAF विश्व चैंपियन और अब तक अजेय रहे प्रतिद्वंद्वी को मुकाबले के पहले ही राउंड में मात देकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ओवैस ने न सिर्फ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय MMA के लिए भी एक नई उम्मीद जगाई है।
आईएमएमएएफ (IMMAF) मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) की ग्लोबल संस्था है। MMA के दुनिया भर में लगभग 449 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इस जीत के साथ वह ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन (BRAVE Combat Federation) में मुकाबला जीतने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले फाइटर भी बन गए। ताइक्वांडो से अपने करियर की शुरुआत करने वाले ओवैस ने 11 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीतने के बाद MMA का रुख किया। रूस के दागेस्तान में ट्रेनिंग से लेकर खबीब नूरमगोमेदोव की टीम के साथ अभ्यास तक, उनका सफर संघर्ष, मेहनत और लगातार आगे बढ़ने की मिसाल है।
ओवैस याकूब आज भारत के सबसे प्रतिभाशाली और उभरते हुए MMA फाइटर्स में शामिल हो चुके हैं। अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर वह अब दुनिया की सबसे बड़ी MMA प्रतियोगिताओं में से एक UFC (अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप) तक पहुंचने के अपने सपने के करीब बढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी सफलता के पीछे लंबे संघर्ष, कड़ी ट्रेनिंग और कई उपलब्धियों की कहानी छिपी है। आइए जानते हैं ओवैस याकूब के सफर, चुनौतियों और उन खास पड़ावों के बारे में, जिन्होंने उन्हें भारतीय MMA का उभरता सितारा बनाया है।
पहले ही राउंड में जीत, ओवैस याकूब ने BRAVE CF में लिखी नई कहानी
ओवैस याकूब जम्मू-कश्मीर के पहले फाइटर हैं, जिन्होंने BRAVE Combat Federation के बैनर तले मुकाबला जीतने की उपलब्धि हासिल की। बुल्गारिया में हुए BRAVE CF 107 में उन्होंने पहले ही राउंड में डेलियान जॉर्जीव को हराकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। जॉर्जीव दो बार के आईएमएमएएफ (IMMAF) विश्व चैंपियन रह चुके हैं और इस मुकाबले से पहले पेशेवर करियर में अपराजित थे।
कौन हैं ओवैस याकूब? भारतीय MMA के उभरते सितारे की कहानी
1998 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के मुर्रन गांव में जन्में ओवैस याकूब जिले के पहले पेशेवर MMA फाइटर हैं। ओवैस याकूब ने 2013 में ताइक्वांडो से मार्शल आर्ट्स की शुरुआत की और अगले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 11 स्वर्ण और 6 रजत पदक अपने नाम किये।
ताइक्वांडो से MMA तक ओवैस याकूब का शानदार सफर
राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के बाद ओवैस याकूब ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में करियर बनाने का फैसला किया। ओवैस याकूब ने स्ट्राइकिंग के साथ रेसलिंग और ग्रैपलिंग पर भी विशेष मेहनत की। इसी उद्देश्य से वह रूस के दागेस्तान गए। वहां उन्होंने विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के बीच प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को नई ऊंचाई दी।
खबीब की टीम से ट्रेनिंग लेकर ओवैस ने बनाई अलग पहचान
ओवैस अमेरिका की प्रसिद्ध अमेरिकन किकबॉक्सिंग एकेडमी (AKA) में प्रशिक्षण लेते हैं। यह वही जिम है, जहां UFC के दिग्गज खबीब नूरमगोमेदोव और मशहूर कोच जेवियर मेंडेज से जुड़े कई शीर्ष फाइटर अभ्यास करते हैं। अक्टूबर 2025 में खबीब ने भी ओवैस की प्रगति की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी।
ओवैस याकूब का अगला लक्ष्य UFC में जगह बनाना
ओवैस याकूब का सबसे बड़ा लक्ष्य अब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित MMA संस्था UFC (अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप) में जगह बनाना है। ताइक्वांडो से शुरू हुआ उनका सफर राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन, दागेस्तान और अमेरिकन किकबॉक्सिंग एकेडमी (AKA) में मिली उच्च स्तरीय ट्रेनिंग और BRAVE CF में ऐतिहासिक जीत तक पहुंच चुका है। इन उपलब्धियों ने उनके करियर को मजबूत आधार दिया है। अगर ओवैस इसी तरह लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के सबसे बड़े MMA सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।
ओवैस याकूब प्रोफाइल
- पूरा नाम: ओवैस याकूब
- जन्म: 1998
- गृहनगर: मुर्रन, पुलवामा, जम्मू-कश्मीर
- खेल: मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA)
- वजन वर्ग: लाइटवेट
- शुरुआत: ताइक्वांडो (2013)
- उपलब्धि: राष्ट्रीय स्तर पर 11 स्वर्ण और 6 रजत पदक
- प्रशिक्षण: American Kickboxing Academy (AKA)
- कोचिंग: खबीब नूरमगोमेदोव की टीम और जेवियर मेंडेज के साथ प्रशिक्षण
- हालिया उपलब्धि: BRAVE CF 107 में दो बार के IMMAF विश्व चैंपियन डेलियान जॉर्जीव को पहले राउंड में हराया
- लक्ष्य: UFC में भारत का प्रतिनिधित्व करना।


