नई दिल्ली : भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच चुकी है। टीम 7 अगस्त से तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी, जबकि 15 अगस्त से गॉल में पहले टेस्ट के साथ सीरीज का आगाज होगा। इस दौरे की सबसे बड़ी बात यह है कि शुभमन गिल पहली बार श्रीलंका की सरज़मीं पर टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे और साथ ही पहली बार यहां टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्पिन के लिए अनुकूल मानी जाने वाली श्रीलंकाई पिचों पर गिल के नेतृत्व और बल्लेबाजी—दोनों की कड़ी परीक्षा होगी। अब तक गिल भारत की कप्तानी में 9 टेस्ट मैचों में टीम का नेतृत्व कर चुके हैं और इस दौरे पर उनके कप्तानी रिकॉर्ड पर भी सभी की नजरें रहेंगी।
शुभमन गिल के लिए यह बतौर टेस्ट कप्तान दूसरा विदेशी दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने पिछले वर्ष इंग्लैंड के दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी। उस चुनौतीपूर्ण दौरे पर भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज 2-2 से बराबर कराई थी। इंग्लैंड दौरे के बाद गिल ने घरेलू सरज़मीं पर वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ भी टीम की कमान संभाली। अब श्रीलंका की स्पिन अनुकूल परिस्थितियों में उनकी कप्तानी और रणनीति की एक बार फिर कड़ी परीक्षा होने वाली है।
बतौर टेस्ट कप्तान कैसा रहा शुभमन गिल का रिकॉर्ड?
शुभमन गिल ने पिछले एक साल में भारत के लिए 9 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। इसमें से 5 मैच टीम इंडिया ने जीते हैं। जबकि तीन मैचों में टीम को हार का भी सामना करना पड़ा है। उनकी कप्तानी में एक मुकाबला ड्रॉ भी हुआ है। गिल की कप्तानी में भारत ने WTC 2025-27 के अंतर्गत इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज ड्रॉ करवाई और घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज जीती है। वहीं साउथ अफ्रीका सीरीज के बीच वह चोटिल होकर बाहर हो गए थे लेकिन वह सीरीज भी भारत हार गया था।
बतौर कप्तान बल्ले से भी चमके शुभमन गिल
शुभमन गिल का बतौर कप्तान बल्लेबाजी रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक कप्तान के रूप में खेले 9 टेस्ट मैचों की 15 पारियों में 1076 रन बनाए हैं, जिसमें 6 शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा, जो उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। बतौर कप्तान उनका बल्लेबाजी औसत 82.76 का है, जो उनकी निरंतरता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। हालांकि घरेलू परिस्थितियों में वह कई बार स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए हैं। ऐसे में श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों पर उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों की कड़ी परीक्षा होगी। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि वह अपने शानदार औसत को और बेहतर बना पाते हैं या श्रीलंकाई स्पिनरों के सामने उन्हें नई चुनौती का सामना करना पड़ता है।


