न्यूयॉर्क : फीफा विश्व कप 2026 मैदान पर रोमांचक मुकाबलों और यादगार पलों के लिए जाना गया, लेकिन टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई गंभीर चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाल ही सामने आए एक पुलिस डोजियर के अनुसार, अर्जेंटीना के कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी को कथित तौर पर निशाना बनाने की धमकियां दी गई थीं। रिपोर्ट में बताया गया है कि टूर्नामेंट के दौरान कई सुरक्षा धमकियों की जांच की गई, जिनमें मेसी से जुड़ी धमकियां भी शामिल थीं। हालांकि, आधिकारिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत इन खतरों को नियंत्रित किया गया और विश्व कप के दौरान मैचों पर कोई बड़ा सुरक्षा प्रभाव नहीं पड़ा।
विश्व कप के दौरान मेसी को मिली बम से उड़ाने की धमकी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और उनके परिवारों को निशाना बनाने की कई धमकियां मिली थीं। इनमें मेसी के खिलाफ मिली धमकियां सबसे गंभीर और विशिष्ट बताई गईं। एक मामले में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अधिकारियों को फोन कर कहा कि वह दो अन्य लोगों के साथ डलास के स्टेडियम की ओर जा रहा है। उसके पास कथित तौर पर होममेड बम और AR-15 राइफल थी। उसने पुलिस अधिकारियों और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को निशाना बनाने की बात कही और विशेष रूप से मेसी का नाम लिया।
स्टेडियम में बम लेकर घुसने की धमकी, मेसी को बनाया निशाना
- मेसी को लेकर एक और धमकी अर्जेंटीना और मिस्र के बीच सात जुलाई को खेले गए मुकाबले से जुड़ी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि पोस्ट करने वाला व्यक्ति अटलांटा स्टेडियम में प्रवेश करने वाला है और उसके शरीर पर चार बम बंधे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पोस्ट में कथित तौर पर लिखा था, ‘मैं अटलांटा स्टेडियम में जाकर अपने शरीर पर बंधे चार बमों से मेसी को उड़ा दूंगा।’
- इस पोस्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। स्टेडियम में विस्फोटक विशेषज्ञों, डॉग हैंडलर्स और K-9 यूनिट्स की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। एक अन्य कॉल में स्टेडियम के कूड़ेदानों में तीन बम रखे होने का दावा किया गया था।
रोनाल्डो भी रहे सुरक्षा एजेंसियों की नजर में
- सिर्फ मेसी ही नहीं, पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो को लेकर भी कई घटनाएं सामने आईं। 14 जून को फीफा के एक कर्मचारी ने अधिकारियों को सूचना दी कि एक व्यक्ति रोनाल्डो के ठहरने की जगह की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
- इसके बाद ह्यूस्टन पुलिस ने उस होटल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जहां रोनाल्डो और पुर्तगाल की टीम ठहरी हुई थी। टोरंटो में भी एक अन्य व्यक्ति को रोनाल्डो के साथ लिफ्ट में जाने की कोशिश करने के बाद हिरासत में लिया गया। उसने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह सिर्फ रोनाल्डो के साथ सेल्फी लेना चाहता था।
6,000 से ज्यादा धमकी भरे संदेशों से दहले रेफरी
फ्रांस के रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर भी सुरक्षा खतरों से अछूते नहीं रहे। पुलिस डोजियर के मुताबिक, उन्हें व्हाट्सऐप पर 6,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिले। विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी एफबीआई और आईपीसीसी यानी सेंटर फॉर इंटरनेशनल पुलिस कू-ऑपरेशन के नेतृत्व वाले संयुक्त नेटवर्क ने की। सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद से जुड़े अलर्ट, खिलाड़ियों की स्टॉकिंग और हिंसा की धमकियों सहित विभिन्न संभावित खतरों पर लगातार नजर रख रही थीं। इन घटनाओं ने स्पष्ट किया कि दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और रेफरी की सुरक्षा मैदान के बाहर भी बड़ी चुनौती बनी रही।


