नई दिल्ली : भारत की अस्मिता चलिहा ने शानदार जुझारूपन और दमदार प्रदर्शन करते हुए शनिवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली। सेमीफाइनल में उन्होंने अपनी हमवतन रक्षिता रामराज को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-13, 16-21, 21-13 से शिकस्त दी। अस्मिता ने पहले गेम में आक्रामक खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई, हालांकि रक्षिता ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर ला दिया। निर्णायक गेम में अस्मिता ने धैर्य बनाए रखा और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबला अपने नाम कर फाइनल का टिकट कटाया।
दूसरे गेम के झटके के बाद अस्मिता ने बदला खेल
- अस्मिता ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पहला गेम 21-13 से अपने नाम किया। हालांकि, रक्षिता ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए 21-16 से जीत दर्ज की और मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।
- इसके बाद अस्मिता ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उन्होंने निर्णायक गेम में रक्षिता को कोई मौका नहीं दिया और 21-13 से गेम जीतकर फाइनल का टिकट कटाया।
खिताब की राह में चीन की हान आखिरी चुनौती
अब 26 वर्षीय अस्मिता की नजर खिताब पर है। गुवाहाटी की यह खिलाड़ी फाइनल में चीन की हान कियानशी से भिड़ेंगी। हान ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की गैरवरीय किम गा राम को हराकर फाइनल में जगह बनाई। अस्मिता ने क्वार्टर फाइनल में जापान की शीर्ष वरीय हिना अकेची को 20-22, 21-15, 21-19 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
रक्षिता ने भी पेश की कड़ी चुनौती
रक्षिता रामराज ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में चाइनीज ताइपे ओपन चैंपियन तन्वी शर्मा को 18-21, 21-19, 21-18 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। क्वार्टर फाइनल के बाद दोनों भारतीय खिलाड़ी ही महिला एकल में भारत की आखिरी उम्मीद बची थीं और दोनों ने एक घंटे से ज्यादा समय तक चले मुकाबलों में जीत हासिल की थी।
पुरुष युगल में भारतीय जोड़ी को मिली निराशा
पुरुष युगल में हालांकि भारत का सफर क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। पृथ्वी के. रॉय और कृष्ण प्रसाद जी की भारतीय जोड़ी को मलेशिया के मैन वेई चोंग और सोह वूई यिक ने सीधे गेमों में 21-7, 21-8 से शिकस्त दी। इसके साथ ही पुरुष युगल वर्ग में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। कोरिया मास्टर्स सुपर 300 का समापन रविवार को होगा, जिसमें कुल 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दांव पर है। यह प्रतियोगिता 2007 में शुरू हुई थी और 2010 तक इंटरनेशनल चैलेंज स्तर पर खेली गई, जिसके बाद 2011 में इसे बीडब्ल्यूएफ ग्रां प्री गोल्ड प्रतियोगिता का दर्जा मिला। 2017 में ग्रां प्री गोल्ड प्रतियोगिताओं के समाप्त होने के बाद कोरिया मास्टर्स को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 300 का हिस्सा बना दिया गया।


