नई दिल्ली: टी20 क्रिकेट का आगाज हुए लगभग दो दशक का समय होने वाला है और इसकी लोकप्रियता पूरे वर्ल्ड में देखने को मिलती है। इसी वजह से मौजूदा दौर में लगभग हर क्रिकेट खेलने वाले बड़े देश में फ्रेंचाइजी टी20 लीग भी देखने को मिलती है। इसके चलते वनडे और टेस्ट फॉर्मेट पर इसका बुरा असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है जिसमें फैंस इनको लेकर अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसे में अब आईसीसी टेस्ट और वनडे के भविष्य को लेकर बड़ी प्लानिंग कर रहा है जिसको लेकर आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना मतलब के खेले जाने वाली टी20 सीरीज का कोई फ्यूचर नहीं है और ये जल्द ही बंद हो जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि बिना किसी उद्देश्य और संदर्भ के आयोजित की जाने वाली द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीजों का दौर अब खत्म होना चाहिए। ऐसे में वनडे क्रिकेट केवल अस्तित्व बनाए रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी काफी मजबूत हो सकता है। क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में वनडे की अपनी स्पष्ट और महत्वपूर्ण भूमिका है, जो मेंस और महिला आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप से खासतौर पर जुड़ी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी टेस्ट फॉर्मेट की तरह वनडे के लिए भी अगले वर्ल्ड कप से पहले एक अलग विंडो तैयार करने पर विचार कर रहा है ताकि इस फॉर्मेट को भी अहमियत मिल सके।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ICC सीईओ संजोग गुप्ता ने अपने बयान में आगे कहा कि क्रिकेट को टेनिस के विंबलडन और गोल्फ के द मास्टर्स जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आयोजन से सीखना चाहिए, जिन्होंने बदलाव के इस दौर में अपने खेल की सालों पुरानी परंपरा को बनाए रखा हुआ है, जिसमें फैंस अभी भी इन टूर्नामेंट के लिए दिलचस्पी रखते हैं। ग्लोबल लेवल पर क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी माध्यम फिलहाल टी20 क्रिकेट है, लेकिन इसके यह मायने नहीं कि वनडे और टेस्ट क्रिकेट के विकास की उपेक्षा की जाए। कुछ देशों में टेस्ट क्रिकेट के प्रशंसकों का वर्ग बेहद मजबूत है लेकिन जरूरत इस बात की है कि सदस्य देशों को भी ऐसे अवसर मिलें, जिनसे उनके यहां टेस्ट मैच बड़े और महत्वपूर्ण आयोजनों के रूप में स्थापित हो सकें।


