नई दिल्ली : श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार, 24 अगस्त को भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने विदेशी धरती पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस दौरान पंत ने पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया।
पंत की इस उपलब्धि के साथ ही विदेशी परिस्थितियों में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर उनके शानदार प्रदर्शन की एक और मिसाल सामने आई। ऋषभ पंत के विदेश में 41 से ज्यादा के औसत से 2500 से ज्यादा रन हो गए हैं। महेंद्र सिंह धोनी के 2496 रन 32.84 के औसत से हैं। फारुख इंजीनियर ने 32.67 के औसत से 1209 रन बनाए हैं। सैयद किरमानी ने 21.74 के औसत से 1109 रन बनाए हैं। किरन मोरे ने 29.06 के औसत से 901 रन बनाए हैं।
विदेश में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर
- 2501 – ऋषभ पंत (औसत: 41.68)
- 2496 – एमएस धोनी (औसत: 32.84)
- 1209 – फारुख इंजीनियर (औसत: 32.67)
- 1109 – सैयद किरमानी (औसत: 21.74)
- 901 – किरण मोरे (औसत: 29.06)
पहले दिन चोट के बाद रिटायर्ड हर्ट हुए थे ऋषभ पंत
कोलंबो में रविवार (23 अगस्त) को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन बाएं हाथ पर चोट लगने के बाद पंत मैदान से बाहर चले गए थे। मामला तीसरे सेशन का है जब श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा ने पंत को शॉर्ट बॉल फेंकी। भारतीय बल्लेबाज ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन चूक गए और बॉल उनके बाएं हाथ पर लगी।
58वें ओवर में पंत को मैदान छोड़ना पड़ा
चोट लगने के बाद पंत दर्द में दिखे और भारतीय टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने तुरंत उनकी मदद की। शुरुआत में उनके हाथ पर आइस पैक लगाया गया और फिर पट्टी बांधी गई, लेकिन बाद में टेप हटा दिया गया क्योंकि पंत को असहजता महसूस हो रही थी। 15 गेंदों पर तीन रन बनाने के बाद पंत भारत की पारी के 58वें ओवर में फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मैदान से बाहर चले गए।
शॉर्ट-पिच गेंदों से पंत की हुई कड़ी परीक्षा
दूसरे दिन असिथा फर्नांडो ने सारांश जैन को छह रन पर आउट कर श्रीलंका को छठी सफलता दिलाई, जिसके बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर पारी को संभालने और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान श्रीलंका के तेज गेंदबाजों ने लगातार शॉर्ट-पिच गेंदों का इस्तेमाल कर पंत को चुनौती दी। ड्रिंक्स ब्रेक से पहले कुछ गेंदें पंत के कंधे पर भी लगीं, लेकिन उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखने की कोशिश की।


