नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जूनियर क्रिकेट चयनकर्ताओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल पांच पदों को भरा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जूनियर क्रिकेट कमेटी के सदस्य कोचिंग कैंप और भारत की जूनियर टीमों के लिए घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले मुकाबलों के लिए अंडर-22 आयु वर्ग तक की टीमों का चयन करेंगे। चयनकर्ताओं की जिम्मेदारी भारत और विदेश, दोनों जगह होने वाली जूनियर टीमों की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह कमेटी भारत की जूनियर टीमों के लिए मजबूत टैलेंट पूल और बेहतर बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इन पदों के लिए वही पूर्व खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों और संन्यास लिए कम से कम पांच वर्ष पूरे हो चुके हों। बीसीसीआई के अनुसार, आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2025 शाम 5 बजे तक है। बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में आवेदन करने के लिए लिंक भी उपलब्ध कराया है।
योग्यता और अनुभव
- ऐसे पूर्व खिलाड़ी जिन्होंने कम से कम 25 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों।
- खेल से संन्यास लिए हुए कम से कम पांच साल हो चुके हों।
- कोई भी व्यक्ति जो बीसीसीआई के ‘मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन’ और ‘नियम व विनियमों’ में बताई गई किसी भी क्रिकेट समिति का कुल मिलाकर पांच साल तक सदस्य रहा हो। वह जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य बनने के लिए योग्य नहीं होगा।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
- निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अंडर-22 तक की बेहतरीन आयु-वर्ग की टीमों का चयन करना, साथ ही टैलेंट की पहचान करना और भारत की जूनियर टीमों के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना।
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के जरिए खिलाड़ियों की खोज और उनका आकलन करना और भारत व विदेशों में कोचिंग कैंप, टूर और टूर्नामेंट के लिए टीमों के चयन और विकास में योगदान देना।
- संबंधित टीमों के लिए कोच और सपोर्ट स्टाफ (जैसे फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर, थेरेपिस्ट, एनालिस्ट और मेडिकल स्टाफ) की जांच-पड़ताल और चयन करना।
- जूनियर टीमों के प्रदर्शन और विकास की देखरेख करना, जिसमें समय-समय पर मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करना और अलग-अलग फॉर्मेट के लिए कप्तान नियुक्त करना शामिल है ।
- बीसीसीआई जूनियर टूर्नामेंट और विदेशों में जूनियर टूर का आयोजन और संचालन करना, साथ ही जूनियर टूर्नामेंट के संचालन और प्रशासन से जुड़े मामलों को देखना।
- सीनियर और पूर्व खिलाड़ियों के साथ बातचीत के जरिए युवा क्रिकेटरों में मजबूत नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना, जिसमें ड्रग्स, सट्टेबाजी और मैच-फिक्सिंग जैसे मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाना शामिल है।


